रसयाखानपुर गांव में 10 साल के एक बच्चे को रास्ते में कुत्तों के झुंड ने घेरकर नोच डाला। बच्चे की चीखें सुनकर जमा हुए ग्रामीणों ने बालक को बचाया। परिवार वाले उसे अस्पताल ले जाने लगे, मगर रास्ते में ही बालक की मौत हो गई।
रसयाखानपुर में यह घटना बुधवार शाम चार बजे हुई। यहां के रहने वाले किसान अहीद खां खेत पर काम कर रहे थे। दस वर्षीय बेटा अजीज उनके पास आने के लिए घर से निकला था। रास्ते में कुत्तों के झुंड ने बच्चे को घेर लिया और कई कुत्ते एक साथ बच्चे को नोचने लगे।
बालक के चिल्लाने की आवाज सुनकर ग्रामीण जमा हुए और कुत्तों को भगाकर बालक को छुड़ाया। घटना की खबर मिलने पर परिवार वाले भी आ गए। आनन-फानन में निजी वाहन से बालक को इलाज के लिए बरेली ले जा रहे थे कि रास्ते में भड़रिया मोड़ के पास पहुंचते ही बच्चे ने दम तोड़ दिया।
परिवार वाले उसे रास्ते से ही घर लेकर आ गए और फिर उसे सुपुर्द ए खाक कर दिया। इकलौते बेटे की मौत के बाद परिवार में मातम छा गया। अजीज गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में कक्षा पांच का छात्र था।