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नहाय खाय के संकल्प के साथ शुरू हुआ छठ पर्व, खरना आज

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प्रशासन से छठ पूजा की अनुमति न मिलने पर सूना पड़ा जलाशय - फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। भगवान सूर्यदेव के प्रति आस्था का अनूठा छठ पर्व बुधवार से नहाय खाय के संकल्प के साथ शुरू हो गया। लोगों ने घरों में नहाय खाय की रस्म के तहत भोजन बनाया और पूजा पाठ की तैयारियों को अंतिम रूप दिया।
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सूर्योपासना के इस महापर्व को लेकर जिले में रह रहे पूर्वांचल वासियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। स्थानीय रेलवे कॉलोनी में पूर्वांचल के कर्मचारियों की संख्या अधिक होने के चलते यहां यह पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। बुधवार को नहाय खाय के संकल्प के साथ चार दिवसीय पर्व का शुभारंभ हो गया। सुबह सवेरे घरों की विशेष साफ सफाई की गई। घरों में सुखाए गए गेहूं को घर में ही पीसकर आटा तैयार किया गया। पूजा के सामान के साथ ही अन्य खाद्य सामग्री खरीदी गई। महिलाओं ने व्रत का संकल्प लिया। श्रद्धालुओं ने शाम को सिर्फ एक वक्त चने की दाल, लौकी, गंगाफल की सब्जी और खीर खाई। घरों में देर शाम तक पूजन की तैयारियां चलती रही। पर्व को लेकर रेलवे कॉलोनी में उत्सव जैसा माहौल देखा जा रहा है।
छठ पूजा आयोजन समिति के सदस्य रोहित शर्मा ने बताया कि पूर्व वर्षों में बरहा रेलवे क्रॉसिंग के समीप पूजा स्थल (जलाशय) पर पूजा की तैयारियां की जाती थीं, मगर अभी तक जिला प्रशासन से इसकी अनुमति नहीं मिली है। यदि अनुमति मिलती है तो कोविड-19 के दिशा निर्देशों के तहत जलाशय पर मात्र व्रतधारी ही जा सकेंगे और सामाजिक दूरी का भी पालन किया जाएगा।
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घरों में आज होगा खरना
आयोजन समिति के दिनेश कांती ने बताया कि बृहस्पतिवार को घरों में खरना होगा। शाम को साठा चावल व गन्ने के रस की खीर बनाई जाएगी। हवन कर छठी मइया की आराधना की जाएगी।
यहां भी बिखरेगी छठ पर्व की छटा
छठ पर्व शहर के अलावा बीसलपुर, पूरनपुर, मझोला समेत ट्रांस शारदा क्षेत्र की कॉलोनियों में मनाया जाता है। सिर्फ ट्रांस शारदा क्षेत्र के लोग ही शारदा नदी के तट पर पूजा पाठ करते हैं। जबकि अन्य स्थानों के लोग जलाशयों पर पूजा पाठ करते हैं।
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