आयुर्वेदिक कॉलेज में मरीजों को परामर्श देते चिकित्सक। संवाद
पीलीभीत। मौसम में बदलाव के साथ जोड़ों के दर्द और पेट में कब्ज की शिकायत इन दिनों अब बढ़ने लगी है। आयुर्वेदिक कॉलेज में बड़ी संख्या में मरीज आ रहे हैं। बदलते मौसम में पुराने दर्द के उभरने और खानपान व दिनचर्या में बदलाव से पाचन संबंधी समस्याएं बढ़ने की शिकायत पर मरीज एलोपैथिक दवाएं छोड़कर आयुर्वेदिक दवा पर भरोसा कर रहे हैं।
मौसम बदलने के साथ दिनचर्या, खानपान और शारीरिक गतिविधियों में होने वाले बदलाव भी स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं। ठंड बढ़ने पर कुछ लोग शारीरिक गतिविधियां कम कर देते हैं, जबकि पर्याप्त पानी नहीं पीने और भोजन में रेशेदार खाद्य पदार्थों की कमी से कब्ज की समस्या बढ़ सकती है।
वहीं, गठिया या अन्य जोड़ों संबंधी बीमारियों से जूझ रहे कुछ लोगों को मौसम में बदलाव के दौरान दर्द और अकड़न अधिक महसूस होती है। अन्य समस्याओं को लेकर इन दिनों आयुर्वेदिक कॉलेज में इन्हीं बढ़ती समस्याओं के चलते मरीजों की संख्या 150 से बढ़कर 250 हो गई है। आयुर्वेदिक कॉलेज के पंचकर्म, काया चिकित्सा विभाग में मरीज बढ़ने से परामर्श कक्ष में भी सुबह से ही पूरे होने लगती है। आयुर्वेदिक कॉलेज के चिकित्सक डॉ. संजय ने बताया कि कब्ज से बचाव के लिए पर्याप्त पानी, फाइबर युक्त भोजन और नियमित शारीरिक गतिविधि अपनानी चाहिए। जोड़ों में लगातार दर्द, सूजन या चलने-फिरने में परेशानी होने पर जांच कराना जरूरी है। बिना चिकित्सकीय परामर्श के दवाएं लेने से बचना चाहिए।