चंदिया हजारा, ढक्का चांट, बैल्हा में रात को तेज आंधी के बाद 100 ग्राम से लेकर ढाई सौ ग्राम वजन तक के ओले गिरे। ओलों से कई घरों के सीमेंट की चादर से बनी छत में सुराख हो गए। टूट कर ऊपर गिरी चादर से चंदिया हजारा के प्रफुल्ल मंडल की 65 वर्षीय पत्नी सौरव मंडल का एक हाथ टूट गया। ढक्का चांट निवासी पचास वर्षीय बटू के सिर में सीमेंट की चादर का टुकड़ा लगने से वह घायल हो गया। जिला पंचायत सदस्य मंजीत सिंह ने गांव पहुंचकर पीड़ितों का हाल लिया।
बृहस्पतिवार की रात को करीब तीन बजे तेज आंधी के साथ गांव चंदिया हजारा, ढक्काचांट, बैल्हा में ओलावृष्टि हुई। चंदिया हजारा के ग्रामीणों के मुताबिक करीब 100 ग्राम से ढाई सौ ग्राम तक के ओले गिरे। गांव के कई सीमेंट चादर की छतों में सुराख हो गए। ओलावृष्टि में सीमेंट चादर का टुकड़ा टूटकर ऊपर गिरने से चंदिया हजारा निवासी प्रफुल्ल मंडल की पत्नी 65 वर्षीय पत्नी सौरव मंडल का एक हाथ टूट गया। गांव ढक्का चांट में 50 वर्षीय बटू घायल हो गया। गांव चंदिया हजारा निवासी वासुदेव कुंडू सहित कई लोगों की खुले आसमान के नीचे खड़ी कार के शीशे टूट गए। ओलावृष्टि से आम, अमरुद, कटहल, चैनी धान की फसल प्रभावित हुई। गांव चंदिया हजारा निवासी 60 वर्षीय ठाकुरदास ने बताया कि उन्होंने इतने बड़े ओले जीवन में पहली बार देखे। 75 वर्षीय शशांक सरकार ने बताया कि जिंदगी में होश संभालने से लेकर अब तक इतने बड़े ओले नहीं देखे। तहसीलदार दिग्विजय सिंह ने बताया कि तहसील क्षेत्र के तीन गांव में ओलावृष्टि की सूचना पर हल्का लेखपालों को सर्वे को भेजा गया है। सर्वे रिपोर्ट मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उधर, रालोद नेता और जिला पंचायत सदस्य मंजीत सिंह गांव चंदिया हजारा पहुंचकर पीड़ितों का हाल लिया। उन्होंने बताया कि गांव के कई लोगों के सीमेंट चादर की छत में सुराख हो गए। फसलें नष्ट हुई हैं। शनिवार को डीएम से मिलकर पीड़ितों को मुआवजा दिलवाने की मांग की जाएगी।