शहर के जिला चिकित्सालय में दवा वितरण काउंटर पर लगी लोगों की लाइन।संवाद
पीलीभीत। अनियमित दिनचर्या, लैपटॉप और मोबाइल के अधिक प्रयोग से जिले के युवा सर्वाइकल और स्पॉन्डिलाइटिस की चपेट में आ रहे हैं। गर्दन में अकड़न, सिर, कमर व पैरों की नसों में दर्द से परेशान युवा जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल में न्यूरो चिकित्सक की सप्ताह में सिर्फ दो दिन ओपीडी होने से मरीज मजबूरन हड्डी रोग विशेषज्ञ के पास पहुंच रहे हैं।
कुछ वर्षों से सर्वाइकल-स्पॉन्डिलाइटिस बीमारी तेजी से बढ़ी है। इसमें शुरुआत में गर्दन की नसों में दर्द व अकड़न महसूस होती है। समय से उपचार न लेने पर यह गर्दन से हाथ व कमर के नीचे पहुंच जाता है। मरीज को चक्कर व उल्टी भी आने लगती है। यह समस्या ऊंचा सिरहाना, लैपटाॅप पर लगातार घंटों काम करना, गर्दन झुकाकर मोबाइल चलाने से मांसपेशियों में तनाव होने से बढ़ रही है। जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 40 से 50 मरीज सर्वाइकल-स्पॉन्डिलाइटिस के पहुंच रहे हैं।
इनमें युवाओं की संख्या अधिक रहती है। मरीज तो बढ़े हैं, लेकिन जिला अस्पताल में इलाज के इंतजाम न के बराबर ही हैं। यहां सप्ताह में सिर्फ दो ही दिन न्यूरो चिकित्सक की ओपीडी होती है। सर्वाइकल-स्पॉन्डिलाइटिस से जुड़े व्यायाम के लिए फिजियोथेरिपिस्ट की भी व्यवस्था जिला अस्पताल में नहीं है।