कलीनगर। गोमती नदी और उद्गम स्थल को लेकर केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद के प्रयास के बाद एक बार फिर केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय की तीन सदस्यीय टीम बुधवार को माधोटांडा पहुंची। टीम ने आरती में शामिल होने के बाद तीन दिवसीय दौरे को लेकर रूपरेखा तैयार की।
गोमती नदी की अविरल धारा बहाने के साथ उद्गम स्थल को पर्यटन के लिहाज से विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने पूर्व में प्रयास शुरू किए थे। उन्होंने केंद्रीय जलशक्ति मंत्री से मिलकर गोमती नदी और उद्गम स्थल को लेकर विस्तृत चर्चा कर सहयोग मांगा था।
इसके बाद जलशक्ति मंत्री की ओर से जल्द ही प्रस्ताव पर मंजूरी मिलने का आश्वासन भी दिया गया था। इसके बाद केंद्रीय टीम ने पिछले माह गोमती उद्गम स्थल का भ्रमण कर प्राकृतिक जल स्रोत के अलावा विकास कार्यों को लेकर संभावनाएं तलाशीं। जिला प्रशासन से भी इस संबंध में बात की गई।
इधर बुधवार को केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय की टीम दोबारा उद्गम स्थल पहुंची। शाम को पहुंची तीन सदस्यीय टीम ने आरती में भाग लिया। इसके बाद ट्रस्ट के सदस्यों से बातचीत कर रूपरेखा तैयार की। टीम में प्रोजेक्ट अधिकारी कीर्ति वर्मा के अलावा अंडरग्राउंड वॉटर एक्सपर्ट आलोक श्रीवास्तव व खुर्शीद शामिल रहे।
टीम दो दिन तक यहां रुककर पानी के अलावा विकास कार्यों को लेकर हकीकत परखेगी। इस दौरान गोमती ट्रस्ट के सदस्य निर्भय सिंह से उन्होंने जानकारी की।