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जनगणना : स्वगणना कल से, पहली बार घर बैठे खुद भरें अपनी जानकारी

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पीलीभीत। जनगणना-2027 का आगाज अब डिजिटल अंदाज में होने जा रहा है। 7 मई से 21 मई तक चलने वाले स्व-गणना अभियान में जिले के शहरी और ग्रामीण नागरिक पहली बार ऑनलाइन अपनी जानकारी दर्ज करेंगे। इसके बाद 22 मई से 20 जून तक घर-घर सत्यापन कर आंकड़ों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
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स्व-गणना अभियान के जरिए प्रशासन ने जनगणना को आसान, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में प्रभारी कदम उठाया है। एडीएम एफआर प्रसून द्विवेदी ने बताया कि स्व-गणना के जरिए नागरिक अपने मोबाइल, टैबलेट या कंप्यूटर से कहीं भी बैठकर पूरी प्रक्रिया संपन्न कर सकेंगे। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि आंकड़ों की सटीकता भी बढ़ेगी। प्रक्रिया के तहत पोर्टल पर मोबाइल नंबर दर्ज कर ओटीपी के माध्यम से पंजीकरण करना होगा। इसके बाद डिजिटल मानचित्र पर अपने घर का स्थान चिन्हित करते हुए परिवार के सभी सदस्यों का विवरण भरना होगा। आवास, पेयजल, बिजली, शौचालय समेत अन्य सुविधाओं से जुड़ी जानकारी दर्ज करने के बाद फॉर्म सबमिट करने पर एक यूनिक आईडी प्राप्त होगी, जो आगे सत्यापन के दौरान काम आएगी। संवाद

33 सवालों की देना होगी जानकारी, सुरक्षित रखना होगी आईडी
स्व-गणना के लिए सबसे पहले https://se.census.gov.in⁠ वेबसाइट पर जाकर राज्य/केंद्र शासित प्रदेश में उत्तर प्रदेश का चयन करना होगा और कैप्चा भरना होगा। इसके बाद परिवार के मुखिया का नाम और मोबाइल नंबर दर्ज कर ओटीपी के माध्यम से पंजीकरण पूरा किया जाएगा। पंजीकरण के बाद अपनी सुविधा के अनुसार हिंदी, अंग्रेजी या अन्य उपलब्ध भाषाओं का चयन किया जा सकता है। फिर राज्य, जिला, शहर/गांव, मकान संख्या व लोकेशन से संबंधित जानकारी भरनी होगी। इसके साथ ही घर और परिवार से जुड़े करीब 33 सवालों जैसे मकान का प्रकार, बिजली, पानी, शौचालय और संपत्ति आदि की जानकारी देनी होगी। सभी विवरण भरने के बाद फॉर्म को जांचकर सबमिट करना होगा, इसके बाद एक सेल्फ एन्यूमरेशन आईडी प्राप्त होगी। इस आईडी को सुरक्षित रखना जरूरी है। जनगणना अधिकारी के आने पर केवल यह आईडी दिखानी होगी, दोबारा जानकारी देने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे जनगणना कार्य में सहयोग करें और संबंधित कर्मचारियों का सम्मान बनाए रखें।
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जनप्रतिनिधि, विभाग व अन्य जन समूह भी निभाएंगे दायित्व
जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े भविष्य की योजनाओं की नींव तय करेंगे। सटीक डेटा के आधार पर विकास योजनाओं को और प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा। अभियान को सफल बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों, मीडिया, न्यायपालिका, पुलिस, बैंक, शिक्षण संस्थानों और स्वयं सहायता समूहों सहित विभिन्न वर्गों को जोड़ा गया है।
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प्रशासन की यह है तैयारी
जिले में जनगणना अभियान को सफल बनाने के लिए मजबूत तंत्र तैयार किया गया है। 15 चार्ज अधिकारियों में से पांच तहसील, तीन नगर पालिका परिषद, सात नगर पंचायत स्तर पर तैनाती के साथ दो मास्टर ट्रेनर, 72 फील्ड ट्रेनर, 4117 प्रगणक, 688 सुपरवाइजर को नियुक्त कर प्रशिक्षण दिया गया है। कोटेदारों, पंचायत सहायकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्वयं सहायता समूहों को भी जोड़कर जनजागरूकता बढ़ाई जा रही है, ताकि हर नागरिक इस डिजिटल जनगणना का हिस्सा बन सके।
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