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Pilibhit News: लखनऊ चिड़ियाघर भेजा पकड़ा गया चोटिल बाघ

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पिंजरे में कैद बाघ को संभालते कर्मचारी । संवाद
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अफसरों के निर्देश पर सोमवार सुबह जनपद की टीम बाघ को लेकर लखनऊ हुई रवाना
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संवाद न्यूज एजेंसी

कलीनगर (पीलीभीत)। पैर में दिक्कत से लंगड़ाकर चलने वाले बाघ को सोमवार सुबह जिले के अफसरों की निगरानी में लखनऊ चिड़ियाघर भेज दिया गया। एक दिन पूर्व मल्लपुर गांव की सीमा से बाघ को बेहोश कर पकड़ा गया था। बाघ के आगे के एक पैर का पंजा सड़ गया है। लखनऊ चिड़ियाघर में बाघ का उपचार किया जाएगा।

पीलीभीत टाइगर रिजर्व की महोफ रेंज का जंगल पर्यटन के रूप में अधिक इस्तेमाल किया जा रहा है। चूका बीच के अलावा अन्य सफारी के चिह्नित स्थान और मार्ग पर महोफ के जंगल क्षेत्र में ही आते हैं। छह माह पूर्व एक बाघ के लंगड़ाकर चलने का सैलानियों ने वीडियो बनाकर वायरल किया था।
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दस दिन पूर्व दोबारा वीडियो वायरल होने के बाद अधिकारियों ने निगरानी बढ़ा दी। स्थिति से अवगत कराकर बाघ को रेस्क्यू करने की अनुमति भी मांगी गई थी। रविवार सुबह बाघ जंगल से निकलकर नजदीक के ही मल्लपुर गांव की सीमा में पहुंच गया। जानकारी के बाद वन अफसरों ने घेराबंदी कर रेस्क्यू अभियान शुरू किया। बाघ को बेहोश कर पकड़ लिया गया।
अफसरों के निर्देश पर बाघ को सोमवार सुबह लखनऊ चिड़ियाघर भेज रवाना कर दिया गया। एसडीओ अंजनी कुमार के नेतृत्व में टीम बाघ को रेस्क्यू वाहन से लेकर गई है।
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रेस्क्यू न होने से खराब हो सकती थी बाघ की हालत

बाघ के लंगड़ाकर चलने का वीडियो वायरल होने के बाद देश भर के कई वन्यजीव प्रेमियों ने स्थिति को गंभीर बताया था। शुरुआत में निगरानी का दावा कर मामला ठंडे बस्ते में पड़ गया। दोबारा वीडियो वायरल होने पर डीएफओ मनीष सिंह गंभीर हुए। महोफ रेंजर सहेंद्र यादव के नेतृत्व में टीम को निगरानी में लगाया गया। रविवार को बाघ को रेस्क्यू कर लिया गया। कहा जा रहा है कि समय से रेस्क्यू न होने से बाघ की हालत खराब हो सकती थी।
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