माधोटांडा। आबादी क्षेत्र के आसपास जंगल से बाहर निकले बाघों की सक्रियता दिनों दिन बढ़ती जा रही है। रविवार की रात खारजा नहर पटरी क्षेत्र के करीब 500 मीटर दायरे में तीन बाघ देखे जाने से क्षेत्र में दहशत फैल गई। इस दौरान एक बाघ ने एक कार पर हमला भी किया, जिससे कार में बैठे लोग कांप उठे। चहलकदमी कर रहे इन बाघों का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है।
टाइगर रिजर्व के जंगल से बाघों के बाहर निकलने का सिलसिला लगातार जारी है। पिछले कई दिनों कस्बे से सटी खारजा नहर, हरदोई नहर और डगा क्षेत्र में बाघों की लगातार चहलकदमी जारी है। कुछ दिन पूर्व एक बाघिन तो बाकायदा चार दिनों तक गन्ने के खेत और सूखी पड़ी खारजा नहर के भीतर ही आराम फरमाती रही। हालांकि छठे दिन वनकर्मियों ने बाघिन के जंगल में चले जाने का दावा किया था।
उधर, रविवार की रात खारजा नहर के समीप 500 मीटर के दायरे में अलग-अलग स्थानों पर तीन बाघ देखे जाने से क्षेत्र में खासी दहशत फैल गई। इन बाघों की खारजा नहर पुल के समीप और कलीनगर-डगा नहर वाले मार्ग पर मौजूदगी देखी गई। मार्ग पर बाघों की मौजूदगी से दोनों तरफ से आने वाले वाहनों का आवागमन थम गया। इसका पीलीभीत से पूरनपुर जा रहे एक कार सवार ने मोबाइल से वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
बताते हैं कि इस बीच एक बाघ ने एक अन्य कार पर छलांग लगाकर हमले का भी प्रयास किया। जिस पर कार में सवार लोगों में हड़कंप मच गया। बाघ को हमला करते देख कार सवारों ने कार दौड़ाकर अपनी जान बचाई। सूचना मिलते ही वनकर्मी भी मौके पर पहुंच गए।
निगरानी टीम को रात में ही मौके पर भेज दिया गया था। निगरानी और बढ़ा दी गई है। प्रयास किया जा रहा है बाघ जंगल में चले जाएं। ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
- संजीव कुमार, डीएफओ, सामाजिक वानिकी प्रभाग
खेतों में दिखे बाघ के पैरों के निशान, किसानों में दहशत
अमरिया। अमरिया क्षेत्र में वैसे तो पिछले आठ साल से दस से अधिक बाघ प्रवास कर रहे हैं, मगर पिछले चार दिन में तुमड़िया, मुड़लिया इलाही बख्श और भैसहा गांव में बाघों की चहलकदमी से किसानों में दहशत बढ़ती जा रही है। रविवार रात भैसहा गांव के समीप बलदेव सिंह और राजू के खेतों में बाघ चहलकदमी करता रहा। सुबह जब खेत में बाघों के पैरों के निशान देखे गए तो किसानों में हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंचे वनकर्मियों ने पैरों के निशान ट्रेस कर बाघ होने की पुष्टि की। डिप्टी रेंजर देवऋषि सक्सेना ने बताया कि वनकर्मियों को मौके पर भेजा गया था। पगचिह्न ट्रेस किए गए हैं। क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है।