अपर निदेशक (स्वास्थ्य) डा. सुबोध कुमार को सीएचसी के निरीक्षण में खामियां ही खामियां मिलीं। साफ-सफाई से लेकर एंबुलेंसों में ऑक्सीजन की कमी पाई गई। 102 एबुलेंस का एसी नहीं चल रहा था। इसके अलावा दवाइयां भी एंबुलेंस में पर्याप्त मात्रा में नहीं थी। जिस पर उन्होंने जमकर फटकार लगाई। इसके अलावा परिवार नियोजन में अच्छा कार्य करने वाली एक आशा कार्यकत्री सहित दो महिलाओं को सम्मानित भी किया गया।
बुधवार सुबह एडी स्वास्थ्य सुबोध कुमार के सीएचसी पर औचक निरीक्षण के लिए पहुंचते ही हड़कंप मच गया। एडी ने एक्सरे रूम, लेबर रूम, वार्ड का जायजा तो लिया ही सीएचसी परिसर में खड़ी तीन एंबुलेंसों को भी चेक किया। जिसमें काफी कमियां सामने आईं। सीएचसी परिसर में पुताई और साफ-सफाई संतोषजनक नहीं मिली। जिस पर सीएचसी अधीक्षक को रंगाई पुताई कराने के निर्देश दिए गए। डिलीवरी के बाद प्रसूता को काउंसलर द्वारा जानकारी न देने का मामला भी सामने आया। एक 108 एंबुलेंस में आक्सीजन नहीं थी, जबकि 102 एंबुलेंस का एसी नहीं चल रहा था। तीनों एंबुलेंसों में पर्याप्त दवाइयां भी नहीं मिलीं। ऐसे में सीएचसी के चिकित्सकों की फटकार लगाई गई। एडी ने परिवार नियोजन में अच्छा कार्य करने पर गांव सुआबोझ की कार्यकत्री शकुंतला देवी और सहयोग पर गांव निवासी कुसमा देवल को प्रेशर कुकर देकर सम्मानित किया। इस मौके पर एनएचएम के जिला प्रबंधक सर्वेश वर्मा, सीएचसी अधीक्षक डा. रविंद्र सिंह थे।