गन्ना किसानों
की समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बंदी के कगार पर पहुंची चीनी
मिलों ने इंडेंट तो जारी कर दिया लेकिन क्रय केंद्रों पर तौल नहीं हो रही
है। इसके विरोध में गजरौला-ए क्रय केंद्र पर किसानों ने गन्ना जलाकर केंद्र
प्रभारी और मिल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की।
एलएच शुगर मिल से संबद्ध
गजरौला-ए क्रय केेंद्र पर बड़ी संख्या में गन्ना भरी ट्रालियां खड़ी हैं।
पांच दिन से तौल नहीं होने से किसान काफी परेशान हैं। शिकायत के बाद भी जब
कुछ नहीं हुआ तो किसानों का गुस्सा भड़क गया। नाराज किसानों ने गन्ना जलाकर
विरोध जताया। साथ ही क्रय केंद्र प्रभारी, मिल के गन्ना निरीक्षक और मिल
प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की।
किसानों का आरोप है कि गन्ना निरीक्षक
और क्र्रय केंद्र प्रभारी केवल उन्हीं ट्रालियों की तौल कर रहे हैं जिनकी
सेटिंग हो रही है। विरोध जताने वालों में रविंद्र सिंह, छत्रपाल सिंह,
शरणागत सिंह, नोखेलाल, महेंद्रपाल, रामचरन, सेवाराम, छत्रपाल वर्मा,
श्यामाचरन, लोचन प्रसाद, रामबहादुर सहित कई किसान थे।
इस बाबत गन्ना
निरीक्षक मोहित कुमार ने बताया कि रोस्टर के हिसाब से तौल हो रही है। शहर
में गन्ना वाहनों का जाम न लगे इसलिए जरूरत के हिसाब से ही तौल हो रही है।
मजदूरी बचाने के लिए करते हैं परेशान
गन्ना
किसानों ने बताया कि क्रय केंद्रों पर आने वाली ट्रालियों एवं अन्य वाहनों
का गन्ना तौलकर स्टाक करने का नियम है। ठेकेदार मिल से ट्रक आने पर उसमें
मजदूरों से गन्ना लोड कर भेजवाता है। बार बार लोडिंग से बचने और मजदूरी का
पैसा बचाने के लिए ठेकेदार किसानों के गन्ना भरे वाहनों को सीधे मिल से आए
ट्रक के साथ लगा लोड करते हैं। इससे ठेकेदार की मजदूरी की बचत होती है,
लेकिन किसानों के वाहन मिल के वाहन आने के इंतजार में लोड खड़े रहते हैं।