नगर में चल रही रामलीला के अंतिम दिन कलाकारों द्वारा रावण वध की लीला का मंचन किया गया। इसके बाद रावण के विशालकाय पुतले का दहन हुआ। इस मौके पर मेला कमेटी के सदस्य, पुलिस प्रशासन सहित हजारों की संख्या में भीड़ मौजूद रही, लोग ट्रैक्टरों मैजिक गाड़ियों से रावण दहन की लीला देखने आए।
रामलीला में भगवान राम और लक्ष्मण की आरती कर लीला का मंचन किया गया। जिसमें दिखाया जाता है कि कुंभकर्ण की मृत्यु की सूचना मिलते ही रावण आग बबूूला हो जाता है और स्वयं युद्ध को तैयार होकर रणभूमि को प्रस्थान करता है। युद्ध का शंखनाद होते ही राक्षसों और वानरों में युद्ध शुरू हो जाता है। राम-रावण में युद्ध होता है। जब रावण पर राम अपना बाण छोड़ते हैं तो रावण का शीश धड़ से अलग हो जाता है, लेकिन दुबारा जुड़ जाता है। तब राम के पास विभीषण आते हैं और कहते हैं कि हे प्रभु आप के इस प्रयास से मेरे भ्राता का वध कभी नहीं होगा। वो अमर है क्यों कि उनकी नाभि में अमृत है। आप उनकी नाभि पर प्रहार करें। राम तीर रावण की नाभि में मारते हैं। रावण भूमि में गिर पड़ता है। राम लीला मैदान जय श्रीराम के जयकारे गूंज उठता है। रावण का पुतला धू-धू कर जलने लगता। यहां भीड़ द्वारा रावण की अस्थियां बीनने का भी प्रचलन है, जिससे भीड़ रावण की अस्थियां बीनने को दौड़ पड़ी। आतिशबाज अनवार ने आतिशबाजी का प्रदर्शन किया।
इस मौके पर एसडीएम जेपी सिंह, सीओ प्रवीण मलिक, तहसीलदार विवेक कुमार मिश्रा, एसओ सीपी शुक्ला पूरे समय मौजूद रह सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे।
बनारसी मियां का उर्स शुरू
बिलसंडा। क्षेत्र के गांव पहाडग़ंज में बनारसी मियां के 16वें सालाना उर्स का सोमवार आगाज हो गया। उर्स में कई देशों के जायरीन पहुंचे।
सोमवार को उर्स सुबह नौ बजे से शुरू हो गया। जिसमें लोगों ने सरकारी चादरपोशी की और रात में मिलाद और पीलीभीत, रामपुर, मुरादाबाद से आए शायरों ने मुशायरा का कार्यक्रम किया। जिसमें हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहें। मेला कमेटी के अध्यक्ष मो. इरफान खां, कदीर मियां, वसीर मियां, डा. पातीराम समेत कई लोग मौजूद रहे।