जिला अस्पताल में बने बर्न वार्ड में पड़ा टूटा बेड। संवाद
पीलीभीत। जिला अस्पताल में करीब दो वर्ष पूर्व बनी बर्न यूनिट अनदेखी के कारण अधर में अटकी हुई है। लंबा समय बीत जाने के बाद भी इसका संचालन नहीं हो सका है। ऐसे में यहां जिम्मेदारों ने सिर्फ ताला ही डाल रखा है। वहीं, परिसर में बर्न वार्ड को भी खुद ही इलाज की जरूरत है। स्टॉफ व संसाधनों के अभाव में यहां मरीजों को सिर्फ कागजों पर ही उपचार दिया जा रहा है।
वार्ड में वातानुकूलित व्यवस्था के नाम पर सिर्फ पंखे ही लगे हैं। एसी की बात दूर वार्ड में कूलर तक का इंतजाम नहीं है। नियमित सफाई भी नहीं होती है। यही वजह है कि गंभीर हालत वाले मरीजों को जिम्मेदार तत्काल रेफर करते हैं।
मेडिकल कॉलेज के अधीन होने के बाद भी जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं सुधरने का नाम नहीं ले रहीं है। जिम्मेदारों द्वारा तर्क दिया गया है िक 200 बेड के अस्पताल के साथ ही बर्न यूनिट का संचालन किया जाएगा।
दरअसल, जिला अस्पताल में आग से जले या झुलसे मरीजों के उपचार की व्यवस्थाएं न के बराबर हैं।
अस्पताल के वार्ड नंबर-चार में बने बर्न वार्ड में चार कमरों में कुल आठ बेड पड़े है।
इसमें कुछ बेड खस्ताहाल हैं। भर्ती मरीजों के लिए बर्न वार्ड में एसी अनिवार्य है। मगर यहां कूलर की व्यवस्था तक नहीं है। पुराने पंखे भी सही से नहीं चल रहे हैं।