अवशेष देयकों का भुगतान न होने के विरोध में समायोजित शिक्षकों ने दोपहर
को बीएसए कार्यालय परिसर में भूखहड़ताल शुरू कर कार्यालय में तालाबंदी कर
दी। शाम को पहुंची पुलिस ने ताला खुलवाया। बाद में बीएसए के आश्वासन ने
शिक्षकों ने भूख हड़ताल समाप्त कर दी।
आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर
एसोसिएशन व प्राथमिक शिक्षामित्र शिक्षक संगठन के तत्वावधान में तमाम
समायोजित शिक्षक बुधवार को करीब दो बजे बीएसए कार्यालय परिसर पहुंचे। यहां
शिक्षकों व शिक्षामित्रों ने आश्वासन के बाद भी शिक्षामित्रों का मानदेय व
अवशेष वेतन का भुगतान न मिलने के विरोध में नारेबाजी कर कार्यालय में
तालाबंदी कर दी। उग्र शिक्षकों व शिक्षामित्रों ने परिसर में धरना देकर
भूखहड़ताल शुरू कर दी।
भूखहड़ताल में बैठने वालों में जिलाध्यक्ष
महेंद्रपाल वर्मा, राम सिंह राठौर, ममता, कमला गंगवार व विमला गंगवार शामिल
रहीं। इस दौरान जिलाध्यक्ष ने कहा कि बीएसए की वादा खिलाफी व लेखाधिकारी
की लापरवाही के चलते ही समस्या बनी है। जब तक लंबित देयों का भुगतान नहीं
होता है, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। राम सिंह राठौर ने संघर्ष के लिए एकजुट
रहने का आह्वान किया।
कार्यालय में तालाबंदी की सूचना पर सीओ सिटी
कौशलेंद्र कुमार सिंह पुलिस फोर्स के मौके पर पहुंच गए। इस दौरान बीएसए
अंबरीष कुमार यादव भी पहुंच गए। पुलिस ने संगठन के नेताओं को बुलाकर वार्ता
और ताला खुलवाया। बीएसए ने बृहस्पतिवार को सभी खंड शिक्षा अधिकारियों की
बैठक लेकर अवशेष देयकों का जल्द भुगतान कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद
शिक्षकों व शिक्षामित्रों ने भूखहड़ताल समाप्त कर दी।
इस मौके पर
तीर्थदेव, इंद्रपाल, अजयपाल, सुमनबाला, त्रिलोकीनाथ, अमरदीप, राजेंद्र
पटेल, विमला गंगवार, गीता सक्सेना, रामनरेश, रविप्रकाश शर्मा, शशिकिरण
शर्मा, धर्मादेवी, श्यामलाल, प्रतिभा, देवदत्त, चित्राकुमारी, रमेश,
रामगोपाल आदि मौजूद रहे।