पीलीभीत। बरेली की तरह पीलीभीत जनपद में भी कई ऐसे टूटे पुल और पुलिया हैं जिनकी मरम्मत को लेकर लंबे समय से अफसर लापरवाह बने हुए हैं। आलम यह है कि इन टूटे स्थानों के आसपास संकेतक भी नहीं लगाए गए हैं। जबकि यहां से काफी संख्या में वाहन गुजरते हैं
बरेली के फरीदपुर क्षेत्र में रविवार तड़के अधूरे पुल से नीचे गिरकर कार सवार तीन लोगों की मौत हो गई थी। बाढ़ से कटने के बाद से पुल अधूरा पड़ा था। गूगल एप के जरिये तीनों लोग इस मार्ग से जा रहे थे। इससे अधूरे पुल को लेकर विभागीय अफसरों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
ऐसी स्थिति जनपद में भी कई स्थानों पर है। यहां भी कई ऐसे मार्ग हैं जहां पुल और पुलिया टूटे पड़े हैं। बाढ़ और बरसात के बाद से स्थिति बदतर है। इन मार्गों से गुजरने वाले राहगीरों को टूट पुल और पुलियों का अंदाजा नहीं होता है।
जिले में टूटे पुल और पुलियों की बात करें तो माधोटांडा क्षेत्र में बाढ़ के दौरान कई पुलिया और पुल बह गए। इनमें से कुछ पर अस्थायी कार्य कराकर यातायात सुचारू करा दिया गया, लेकिन अव्यवस्थाएं बरकरार हैं।
संकेतक न होने के चलते मार्ग से गुजरने वाले चालकों को वाहन को अचानक नियंत्रित करने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा कल्याणपुर गांव के पास विभाग की ओर से मरम्मत के लिए सामग्री का ढेर तो लगा दिया गया, लेकिन कोई संकेतक नहीं लगाया। इससे हर समय यहां हादसे का अंदेशा बना रहता है।
शहगढ़ के पुल के संपर्क मार्ग का भी आधा भाग बहा, लेकिन नहीं लगाया गया संकेतक
कलीनगर के शहगढ़ जाने वाले मार्ग पर जुलाई माह में आई बाढ़ से पुल का आधा संपर्क मार्ग बह गया, पर लोक निर्माण विभाग की ओर से कोई संकेतक नहीं लगाया गया। जिससे यहां हर समय हादसे का खतरा बना रहता है। इस मार्ग पर दो और चार पहिया वाहनों के अलावा भारी वाहनों की आवाजाही भी बनी रहती है।
कटी पुलियोंं पर कराया अस्थायी कार्य भी बना खतरे का सबब
माधोटांडा-पीलीभीत मार्ग पर बाढ़ के दौरान करीब चार पुल और पुलिया बह गए थे। पानी कम होने के बाद लोक निर्माण विभाग की ओर से आवागमन शुरू कराने के लिए अस्थायी कार्य कराया गया। इसके लिए मिट्टी का पटान कराने के बाद ईंट का रोड़ा डलवा दिया गया। इससे इस मार्ग पर क्षतिग्रस्त पुलियां मुख्य मार्ग से करीब दो से तीन फुट नीची हो गईं। ऐसे में यहां हादसे का खतरा बना रहता है।
जिन स्थानों पर पुल और पुलिया बही हैं। वहां संकेतक लगाने के साथ अन्य व्यवस्थाएं की गई हैं। उक्त स्थानों की दोबारा जांच कराई जा रही है। जो कमियां होंगी उनको पूरा किया जाएगा।
- राजेश चौधरी, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
शाहगढ़ कलीनगर मार्ग पर कटे पुल पर नहीं लगा कोई संकेतक। संवाद