बानगी के तौर राष्ट्रीय राजमार्ग 730 (आसाम हाइवे) के पीलीभीत-पूरनपुर पर बने दो पुल देखे जा सकते हैं। इसमें गजरौला के पास बना जर्जर कटना पुल कभी भी धराशायी हो सकता है। जिम्मेदार लोक निर्माण विभाग ने पुलों के दोनों ओर स्पीड ब्रेकर बनाकर इतिश्री कर ली है।
यह है पुलों की स्थिति
पीलीभीत-पूरनपुर हाइवे पर बने पांच बड़े पुलों में कटना नदी पर बने पुल के बीच करीब साल भर पहले स्लैब के बीच गैपिंग होना शुरू हो गई थी। जो अब बढ़कर आठ से दस इंच हो चुकी है। भारी वाहनों के गुजरने से यह पुल बुरी तरह हिल रहा है। कमोवेश ऐसा ही हाल हरदोई ब्रांच पुल का है। इसमें लगी ब्रिटिशकॉल की ईटें घिसती जा रही हैं। इन दोनों पुलों की रेलिंग कभी भी गिर सकती है।
हादसे दर हादसे नहीं चेता विभाग
कटना पुल की स्लैब के बीच हुए गड्ढे हादसों का सबब बनते जा रहे हैं। करीब तीन माह पूर्व सीतापुर के एक गांव निवासी फार्मर की कार पुल के बीच बनी गैप में पड़कर अनियंत्रित होकर पुल से नीचे गिरने लगी तभी विपरीत दिशा से आ रहे एक ट्रक से वह टकरा गई। जिससे कार नीचे गिरने से तो बच गई, लेकिन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। पूरनपुर के गांव अर्जुनपुर निवासी मंजीत सिंह की बाइक भी इसी पुल के गैप में फंसकर फिसल गई थी। जिससे घायल हुआ मंजीत कई दिन तक जिंदगी मौत से जूझता रहा था।
केंद्रीय मंत्री ने दिखाई दिलचस्पी
अति विशिष्ट संसदीय क्षेत्र में जर्जर पुलों की दुर्दशा देखकर केंद्रीय मंत्री मेनका संजय गांधी ने लोक निर्माण विभाग (राजमार्ग) के अभियंताओं से पुलों की मरम्मत कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मुख्य अभियंता से पुल का स्टीमेट बनाकर भिजवाने को भी कहा है।
कटना पुल का निरीक्षण किया जा चुका है। सुरक्षा की दृष्टि से इसके दोनों ओेर स्पीडब्रेकर बनवा दिए गए हैं। केंद्रीय मंत्री के निर्देश पर इसका प्रस्ताव बनाकर जल्द भी भेजा जाएगा।
इश्तियाक अहमद, ईई (राज मार्ग) लोनिवि