पीलीभीत। सात साल बाद शासन ने एकाएक भट्ठा संचालन से पहले जमा होने वाली राॅयल्टी में बीस फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है। इससे जहां मकान बनाना महंगा होने की संभावना जताई जा रही है, वहीं भट्ठा संचालक घटती मांग को लेकर परेशान हैं। यहां बता दें कि बढ़ी रॉयल्टी को तीस नवंबर तक जमा करने का समय दिया गया है। इसके बाद जमा करने पर 18 फीसदी की दर से ब्याज लगेगा।
जिले में संचालित भट्ठों पर ईंट पथाई का काम अक्तूबर से शुरू हो जाता है। इसके लिए संचालकों को खनन विभाग में रॉयल्टी जमा करनी होती है। बिना इसके काम शुरू नहीं किया जा सकता है। इस सत्र में भी खनन विभाग की ओर से भट्ठा संचालकों को रॉयल्टी जमा करने के लिए कहा गया था। नोटिस के बाद करीब 60 संचालकों ने पुरानी दर 1.71 लाख रुपये के हिसाब से रॉयल्टी जमा कर दी थी।
एकाएक शासन ने इस फीस में बीस फीसदी की बढ़ोतरी करते हुए 2.05 लाख कर दी है। नया शासनादेश आने के बाद संचालकों में खलबली है। नई फीस को लेकर अब खनन विभाग की ओर से जिले में संचालित सभी 190 संचालकों को नोटिस जारी कर रॉयल्टी जमा करने के लिए कहा है।
शासन ने नई दरों को लागू करने के बाद रॉयल्टी तीस नवंबर तक जमा करने के आदेश दिए हैं। कहा गया है कि तय समय के बाद जमा करने पर 18 प्रतिशत ब्याज देना होगा। बिना रॉयल्टी के भट्ठा संचालन पर कार्रवाई की भी चेतावनी दी गई है।
इसी माह शासन ने रॉयल्टी की दर में बढ़ोतरी की है। इसे तीस नवंबर तक जमा करना होगा। करीब साठ लोग पुरानी दर के अनुसार रॉयल्टी जमा कर चुके हैं। - अशोक कुमार, खनन अधिकारी
सरकार ने रॉयल्टी तो बढ़ा दी, लेकिन मांग में जबरदस्त कमी के कारण ईंटों के दामों में कमी आई है। पहले 6500 रुपये प्रति हजार ईंट थी, मांग में कमी के चलते अब 5500 रुपये प्रति हजार ईंट के दाम हो गए हैं। ईंट निर्माताओं को काफी नुकसान हो रहा है, लेकिन सुनने वाला कोई नहीं। अभी दामों पर यथास्थिति रहेगी।
- हरवंश दुलवानी, अध्यक्ष, जिला ईंट निर्माता संघ