बराही में पिछले आठ दिन से तेेंदुए व टाइगर का आतंक छाया हुआ है। शुक्रवार रात टाइगर ने एक फार्म हाउस में घुसकर एक पशु को निवाला बनाने का प्रयास किया, लेकिन शोर शराबा होने पर वह भाग खड़ा हुआ। घायल पशु की शनिवार सुबह मौत हो गई।
गांव के सतनाम सिंह के फार्म हाउस पर शुक्रवार रात करीब आठ बजे एक टाइगर ने धावा बोल दिया और उनके बछड़े को खींचकर ले जाने का प्रयास किया। जाग होने पर लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। इस पर टाइगर बछड़े को छोड़कर भाग निकला। घायल बछड़े की शनिवार सुबह मौत हो गई। बताते हैं कि टाइगर करीब छह दिन पूर्व बलविंदर सिंह के एक पशु को भी निवाला बना चुका है। उसके अगले दिन एक तेंदुआ उनके घर में जा घुसा और उनके पालतू कुत्ते को निवाला बना लिया। ग्रामप्रधान सुखदीप सिंह लाडी, टीटू सिंह, सीताराम यादव, रावल सिंह, सतविंदर सिंह ने बताया कि पिछली तीन रात के समय टाइगर जंगल से बाहर आ रहा है। ग्रामीण ट्रैक्टरों की लाइटों से रोशनी कर बमुश्किल उन्हें खदेड़ रहे हैं। बताया कि वनकर्मी टाइगर व तेंदुए के आतंक के बाद भी न तो शाम यहां चौकसी कर रहे हैं, और न ही उसकी रोकथाम के उपाय कर रहे हैं। ग्राम प्रधान ने मामले की जानकारी केंद्रीय मंत्री मेनका संजय गांधी को दूरभाष पर देकर चौकसी करवाने की मांग की है।