पीलीभीत। किशोरी को ले जाने का दो लोगों पर लगा आरोप न्यायालय में साबित नहीं हो सका। वादिनी और पीड़िता के बयानों से मुकरने पर न्यायालय ने दोनों आरोपियों को बरी करने के साथ ही वादिनी के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने के लिए आदेश दिया है।
थाना पूरनपुर क्षेत्र की एक महिला ने पूरनपुर पुलिस को तहरीर देकर बताया कि छह मई 2024 को वह और उसका पति मजदूरी करने शेरपुर कलां गए थे। घर में उनकी 13 वर्षीय पुत्री अकेली थी। तभी मोहल्ला साहूकारा लाइनपार निवासी गुड्डू शर्मा व इसी मोहल्ले का विकास घर में घुस आए और उसकी पुत्री को ले गए। मजदूरी करके घर वापस लौटने पर मोहल्ले वालों से यह बात पता चली। पुलिस ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी। विवेचना के दौरान आरोपियों पर दुष्कर्म की धाराएं बढ़ाई गईं। वाद विवेचना आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट त्रिभुवन नाथ पासवान ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और पत्रावली का अवलोकन किया। मामले में वादिनी और पीड़िता भी अपने बयानों से मुकर गईं। इसपर दोनों आरोपियों पर आरोप सिद्ध होना नहीं पाते हुए बरी करने और वादिनी के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने का आदेश दिया। वर्तमान में घटना के नामजद आरोपियों से गुड्डू शर्मा जिला कारागार में बंद है, जबकि दूसरा आरोपी विकास जमानत पर है। संवाद