श्रमिक संगठनों की देशव्यापी हड़ताल का बुधवार को जिले में व्यापक असर
दिखाई पड़ा। रोडवेज बस व प्राइवेट बसें, मैजिक, टैंपों, ट्रक आदि का संचालन
पूरी तरह से बंद रहा। जिससे यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना
पड़ा। रोडवेज बस अड्डे पर जबरन बस निकालने को लेकर चालकों के बीच आपस में
टकराव की स्थिति बन गई। वहां मौजूद दो पुलिसकर्मी मूकदर्शक बने रहे। हड़ताल
से जिले की रोडवेज को करीब 10 लाख रूपये का नुकसान होने का अनुमान है।
दस
श्रमिक संगठनों के आहवान पर बुधवार को आहुत हड़ताल का जिले भर में व्यापक
असर रहा। वाहनों का संचालन सुबह से ही ठप रहने के कारण दैनिक यात्रियों को
भारी कठिनाई का सामना करना पड़ा। शिक्षकों व अन्य सरकारी कर्मचारियों को
अपने स्कूलों व कार्यालयों में पहुंचने के लिए काफी दिक्कतें हुईं।
मालवाहक वाहनों का संचालन न होने के कारण मंडी समिति व अन्य ट्रांसपोर्ट
कंपनियों पर सामान लदे वाहन खड़े रहे। कर्मचारी संगठनों ने किसी भी कीमत पर
उनका संचालन नहीं होने दिया। यही हाल रोडवेज का भी रहा। यहां भी कर्मचारी
संगठन हावी रहे। कुछ रोडवेज कर्मियों ने बस निकालने का प्रयास किया तो
कर्मचारी संगठनों के नेताओं ने उनकी एक न चलने दी और यात्रियों को रोडवेज
बस स्टैंड से बैरंग लौटना पड़ा। वाहनों की व्यवस्था न होने के कारण तमाम
ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़ रही। इधर शहर की कुछ बैकों में लिपिकीय
स्टाफ हड़ताल पर रहा। हालांकि इनके हड़ताल में शामिल होने से बैंकों के
कामकाज पर कोई खासा असर नहीं दिखाई दिया।
रोडवेज कर्मियों ने किया प्रदर्शन
रोडवेज
इंप्लाइज यूनियन ने रोड ट्रांसपोर्ट एंड सेफ्टी बिल के विरोध में रोडवेज
बस स्टैंड पर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान हुई सभा में
यूनियन अध्यक्ष शिवप्रकाश ने कहा कि सेफ्टी बिल सार्वजनिक परिवहन निगमों,
चालकों व आम जनता के लिए काले कानून के रूप में थोपने का प्रयास किया जा
रहा है। इस बिल के लागू होते ही बाइक, टैंपों, टैक्सी, ट्रक समेत बस संचालन
से जुड़े चालकों को खासा नुकसान उठाना पड़ेगा। उपाध्यक्ष शाहमत खां ने कहा
कि इस बिल द्वारा हक, न्याय, सुरक्षा को समाप्त किया जा रहा है। करीब 90
प्रतिशत मजूदरों का भविष्य अंधकार मय हो जाएगा।
भाकपा माले कार्यकर्ताओं ने निकाला जुलूस
राष्ट्रव्यापी
हड़ताल के समर्थन में भाकपा माले, अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा के
कार्यकर्ताओं ने कार्यालय से स्टेशन चौराहा तक जुलूस निकाला। इस दौरान हुई
सभा में भाकपा माले जिला सचिव देवाशीष राय ने कहा कि मजदूरों की
राष्ट्रव्यापी हड़ताल मोदी सरकार को खुली चुनौती दे रही है। हड़ताल के जरिए
मोदी सरकार की तानाशाही बर्दाश्त न करने का एलान किया गया है। कहा कि मोदी
सरकार की मंशा कभी पूरी नहीं होने दी जाएगी। इस मौके पर प्रहलाद,
देवीदयाल, छुन्नू खां, रामवृक्ष, रामभरोसे, रमेश यादव, संजीव आदि ने विचार
रखे।
दवा प्रतिनिधि भी रहे हड़ताल पर
मेडिकल एंड सेल्स
रिप्रेजेंटेटिव एसोसिएशन के आहवान पर केंद्र व प्रदेश सरकार की श्रमिक
विरोधी नीतियों के तहत जिले भर के दवा प्रतिनिधि बुधावार को एक दिवसीय
हड़ताल पर रहे। यूनियन कार्यालय में में हुई सभा में करीब 80 दवा प्रतिनिधि
भाग लेकर एकजुट होकर संघर्ष करने का एलान किया। इस दौरान यूनियन सदस्यों
ने बाजार में अभियान चलाकर दवा कंपनियों के रीजनल मैनेजर, एरिया मैनेजर व
दवा प्रतिनिधियों द्वारा काम करते पाए जाने पर उन्हें हिदायत देकर वापस कर
दिया। इस दौरान प्रदेश सचिव एमएस धामी, जिला सचिव अमित गंगवार, हरेंदर
सिंह, सचिन अवस्थी, मनोज कश्यप, राजेंद्र प्रसाद, सुनीज प्रजापति आदि मौजूद
रहे।
मैजिक वाहनों का संचालन भी रहा ठप
देशव्यापी हड़ताल के
समर्थन में मैजिक वाहन चालक भी बुधवार को पूरे दिन हड़ताल रहे। हड़ताल के
चलते पीलीभीत-पूरनपुर, पीलीभीत-बीसलपुर, पीलीभीत-मझोला, पीलीभीत- माधोटांडा
मार्ग पर मैजिक वाहनों का संचालन पूरी तरह ठप रहा। जिसके चलते यात्रियों
को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मैजिक संचालन ठप होने से करीब 15 लाख
रुपये का कारोबार ठप होने की संभावना जताई जा रही है।
ट्रक चालकों ने किया चक्का जाम
देशव्यापी
हड़ताल के समर्थन में टनकपुर हाइवे स्थित न्यूरिया में ट्रक चालकों ने
चक्का जाम कर दिया। इस दौरान ट्रक चालकों ने ट्रकों को आड़ा तिरछा खड़ाकर
नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। चक्का जाम होने से निजी वाहन चालकों को घंटों
जाम खुलने का इंतजार करना पड़ा।
शिक्षक व सरकारी कर्मचारी फंसे
बुधवार
को हुई हड़ताल का खामियाजा सर्वाधिक दूर दराज क्षेत्रों के स्कूलों में
पढ़ाने जाने वाले शिक्षकों व सरकारी कर्मचारियों को उठाना पड़ा। आसपास के
इलाकों में जाने वाले कर्मचारी सुबह छतरी चौराहा, नकटादाना, नौगवा रेलवे
फाटक, आसाम चौराहा पर वाहनों के इंतजार में घंटों भटकते रहे। तमाम कर्मचारी
वाहन न मिलने के कारण बैरंग लौट गए। जबकि अनेक कर्मचारी निजी वाहनों से
लिफ्ट लेकर गंतव्य तक पहुंचे।
रेल कर्मचारी हड़ताल से बाहर
भारतीय
रेलवे मजदूर संघ के तत्वावधान में रेलकर्मियों की बुधवार को होने वाली
हड़ताल स्थगित रही। रेलवे सूत्रों के अनुसार कुछ मांगें पूरी होने के चलते
हड़ताल स्थगित की गई है। शेष मांगें भी पूरी होने का आश्वासन दिया गया है।
रोडवेज को लगी दस लाख की चपत
परिवहन
निगम के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक एसके वर्मा ने बताया कि रोडवेज कर्मियों
की हड़ताल के चलते रोडवेज को करीब दस लाख रुपये का नुकसान की संभावना है।
पूरनपुर में थ्रीव्हीलर चालकों ने लगाया जाम
पूरनपुर।
आसाम रोड के घुंघचाई चौराहा पर एकत्र हुए तमाम थ्रीव्हीलर चालकों ने
हड़ताल के समर्थन में जाम लगाकर प्रदर्शन किया। पूरनपुर-बंडा मार्ग सहित
अन्य मार्गों पर बसे, थ्रीव्हीलर, मैजिक आदि वाहन नहीं चले। इससे लोगों को
भारी असुविधा हुई। प्रदर्शन करने वालों में रईस खां, शोएब खां, मोहम्मद
इमरान, शफीक, अखलाक, जाहिद, विष्णु, तौफीक, अशोक आदि शमिल रहे।
बीसलपुर में भी परिवहन सेवाएं रही ठप
बीसलपुर।
शव्यापी आवाहन पर बुधवार को कुछ बैकों में हड़ताल रही। जिससे उपभोक्ताओं
को काफी दिक्कत हुई। हड़ताल से चलते परिवहन सेवाएं भी प्रभावित रहीं। इस
कारण पीलीभीत और शाहजहांपुर जाने वाली ट्रेनों में काफी भीड़ रही। बस
स्टैंडों पर यात्री वाहनों की प्रतीक्षा में भटकते हुए देखे गए।
मझोला।
कस्बे में भी परिवहन सेवाएं ठप रहीं। फरदिया से एक परिवार मरीज को लेकर
मझोला पहुंचा, लेकिन वाहन न मिलने से उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
कर्मचारी संगठन के नेताओं से बातचीत
सेफ्टी
बिल के लागू होने से रोडवेज का अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा। श्रम कानूनों
में बदलाव के लिए संघर्ष किया जाएगा। सरकार को ऐसे काले कानून का तत्काल
वापस लेना चाहिए।
शिव प्रकाश, अध्यक्ष, रोडवेज इंप्लाइज यूनियन
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मोदी
सरकार ने अच्छे दिन लाने का वादा किया था, लेकिन अब सरकार अपने वादे से
मुकर रही है। यदि श्रमिक विरोधी कानून को वापस नहीं लिया गया तो सड़कें जाम
कर दी जाएगी।
शाहमत खां, उपाध्यक्ष, रोडवेज इंप्लाइज यूनियन
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