इसके बाद कुछ ट्रैक्टरों को कलक्ट्रेट ले जाने की अनुमति दी गई। हालांकि अधिकांश कार्यकर्ता ट्रैक्टरों को लेकर डीएम कार्यालय के बाहर पहुंच गए थे। जहां पदाधिकारियों के साथ कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। जानकारी पर डीएम ज्ञानेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। इसके बाद नौ सूत्रीय मांगों को लेकर डीएम को ज्ञापन सौंपा गया।
किसानों ने उठाईं ये मांगें
डीएम को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि निजी दुकानदार यूरिया बेचने के नाम पर मनमानी कर रहे हैं। अवैध गोदामों पर यूरिया रखकर किसानों से ओवर रेट वसूला जा रहा है। धान का रकबा इस बार पिछले वर्ष से अधिक है। ऐसे में खरीद केंद्र बढ़ाने की मांग की गई। गेंहू, आलू और गन्ना फसल की मद्देनजर समितियों पर पर्याप्त मात्रा में एनपीके, डीएपी उपलब्ध कराने की मांग गई।
एक साल से जर्जर पड़े पीलीभीत- माधोटांडा मार्ग का सुधार कराने, सड़ा नाले की पुलिया को निर्माण के नाम पर तोड़ने और वैकल्पिक रास्ता जर्जर होने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इसके बाद बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में ठोस कार्य कराने समेत नौ सूत्रीय मांगें शामिल रहीं।