बारिश से बर्बाद हुई फसलों का
सही सर्वे कराने, किसानों को मुआवजा दिलाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर
भाकियू ने मंडी में धरना दिया और जुलूस के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचकर
राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन डीएम कार्यालय में सौंपा।
भारतीय
किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष सतविंदर सिंह काहलो के नेतृत्व में कार्यकर्ता
बृहस्पतिवार को मंडी में एकत्र हुए। पदाधिकारियों ने कहा कि 50 प्रतिशत से
अधिक नुकसान वाले सभी किसानों को मुआवजा नहीं मिला। इसके सर्वे में भी
लेखपालों द्वारा गड़बड़ी की गई है। वहीं बैंक द्वारा जिन किसानों की बीमा
प्रीमियम काटी गई है। इसका भुगतान भी बीमा कंपनी ने अब तक नहीं किया है।
इसके
अलावा किसानों से वसूली बंद कराने, ऋण माफ कराने, गेहूं खरीद के लिए
एफसीआई के मानक में बदलाव करने सहित कई मांगे उठाएं। मंडी से जुलूस के रूप
में भाकियू कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां राष्ट्रपति के नाम संबोधित
सात सूत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम संबोधित 12 सूत्री ज्ञापन डीएम कार्यालय
में सौंपा।
धरना-प्रदर्शन में वरिष्ठ उपाध्यक्ष मंजीत सिंह, वेदप्रकाश
शर्मा, भजनलाल क्रोधी, मुलायम सिंह, सूरत सिंह, मुरलीधर कश्यप, रामकुमार
भोजवाल, दन्नूलाल संतोष ओमप्रकाश, प्यारेलाल सहित कई लोग थे।
किसान महासभा ने सौंपा ज्ञापन
पीलीभीत।
अखिल भारतीय किसान महासभ ने ओलावृष्टि और बारिश से बर्बाद हुई फसल होने के
बाद भी किसानों को मुआवजा न मिलने और किसानों द्वारा किसानों द्वारा
आत्महत्याएं किए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए डीएम को ज्ञापन सौंपा।
अखिल भारतीय किसान महासभा के संयोजक रामऔतार वर्मा के नेतृत्व में
कलेक्ट्रेट पहुंचे। भाकपा माले नेता जितेंद्र प्रसाद ने कहा कि पूरनपुर के
गांव कटकवारा में दलितों की भूमि पर खड़ी फसलों को कुछ दबंग जबरन काटना
चाहते हैं लेकिन उनपर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। कार्यकर्ताओं ने इस
बावत डीएम को ज्ञापन सौंपकर किसानों को मुआवजा दिलाने और कटकवारा की जमीन
कब्जाने का प्रयास करने वालों पर कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में जितेंद्र
प्रसाद, रामऔतार वर्मा, बाबूराम, किशनलाल एडवोकेट सहित कई लोग थे।