अपराध की दुनिया से जेल में पहुंचने के बाद रसूखदार और धनी लोग अक्सर इलाज
के बहाने जेल से बाहर खुली हवा में सांस लेते हैं। इससे पहले भी एक पूर्व
विधायक सहित कई लोग इलाज के नाम पर महीनों से अस्पताल में आराम की जिदंगी
बसर करते रहे हैं।
अपराध और राजनीति का गठजोड़ किसी से छिपा नहीं है।
सफेद लिबास में रहने वाले राजनीतिज्ञ अपने काले धंधों के लिए अपराध जगत से
जड़े रहते हैं। अपराधियों का संरक्षण अक्सर नेताओं की छांव में ही होता है।
यह गठजोड़ जेल में बंदियों पर और भी मजबूत दिखता है। यही कारण है कि जेल
की चार दीवारों में बाहर निकलने में राजनैतिक पहुंच और धनबल दोनों का जमकर
प्रयोग होता है। बुधवार को जिला अस्पताल में इलाज के नाम पर आराम फरमा रहे
कैदियों को भी राजनैतिक संरक्षण मिला हुआ है। पुलिस कार्रवाई के दौरान
अधिकारियों पर आए कुछ फोन उनकी माथे पर पड़े परेशानियों के बल इसे साफ
ब्यां कर रहे थे। हत्यारोपी सजायाफ्ता एवं विचाराधीन इन कैदियों के इलाज के
बहाने अस्पताल में इस रहने से पूर्व भी कई मामले देखे गए हैं। कुछ समय
पहले हत्या के आरोप में बंद एक पूर्व बीमारी के बहाने करीब छह माह से अधिक
समय तक जिला अस्पताल पहुंचे थे। यहां वह अस्पताल के अलावा सभी जगह घूमते
फिरते थे। इससे पूर्व एक कैदी इलाज के बहाने ही अस्पताल में भर्ती होकर
फरार हो गया था।