भाजपा
कार्यकर्ताओं ने तालाबों की भूमि पर हो रहे कब्जा के विरोध में राज्यपाल
को संबोधित चार सूत्रीय ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। ज्ञापन में समस्याओं का
समाधान शीघ्र न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
भाजपा के कई
पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सोमवार को एसडीएम कार्यालय पहुंचकर
राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा है कि पूरनपुर देहात के
अधिकांश तालाबों पर भू-माफियाओं का कब्जा है। वे तालाबों को पाटकर उनकी
बिक्री कर दी है और कुछ की बिक्री के प्रयास कर रहे हैं। तालाबों को मुक्त
कराकर पुन: तालाब बनवाएं जाएं।
ज्ञापन में आसाम रोड स्थित प्रस्तावित
रोडवेज बस स्टैंड के समीप 4.23 एकड़ तालाब की भूमि पर भराव कर कराए जा रहे
अवैध निर्माण को रुकवाने, गांव अभयपुर मु. शाहगढ़ मेें 75 एकड़ चारागाह की
भूमि पर मिली भगत से कब्जा कर की जा रही खेती को रोक कर चारागाह की भूमि को
मुक्त कराने आदि की मांग की गई है।
ज्ञापन देने वालों में भाजपा
नगराध्यक्ष मुकेश खंडेलवाल, विधानसभा अध्यक्ष प्रणय वाजपेई, अशोक राजा,
नीरज प्रधान, अनुराग मिश्रा, आचार्य धर्म प्रकाश बौद्ध, दिलीप कुमार,
आदित्य मोहन शर्मा आदि भाजपा नेता थे।
प्रधान को भू-माफियाओं से जानमाल का खतरा
पूरनपुर। पूरनपुर देहात के प्रधान मेंहदी हसन ने डीएम को पत्र भेजकर भू-माफियाओं से जानमाल के खतरे की आशंका व्यक्त की है। पत्र में कहा गया है कि उनकी ग्राम पंचायत में गांटा संख्या 963 में तालाब दर्ज है। भू-माफिया तालाब की भूमि पर कब्जा कर निर्माण करा रहे थे। इसकी शिकायत उन्होंने तत्तकालीन एसडीएम से की थी।
एसडीएम ने काम रुकवा दिया था। अब चार अप्रैल से फिर अवैध निर्माण शुरू हुआ है। इसकी शिकायत तहसीलदार से करने पर उन्होंने गांव चकबंदी में होने का तर्क दिया। चकबंदी सीओ ने शिकायत के बाद कार्रवाई नहीं की। प्रधान ने बताया कि उनको अभी तक धमकी तो नहीं मिली है, लेकिन भू-माफियाओं से जान माल का खतरा है।