पीलीभीत। वर्ष 1991 के बाद 2017 में दूसरा मौका आया था है जब जिले की चारों विधानसभा सीटों पर भारतीय जनता पार्टी का कब्जा हो सका। भाजपा अब 2022 के चुनाव में तीसरी बार सभी सीटों पर जीत की तैयारी में है। लेकिन अहम बात यह है कि मौजूदा विधायकों के होते हुए भी भाजपा में नए दावेदार सामने आ रहे हैं। अब तक 22 दावेदार सामने आ चुके हैं। इसमें सबसे अधिक सात दावेदार पूरनपुर विधानसभा क्षेत्र में सामने आए हैं।
पीलीभीत, बीसलपुर, बरखेड़ा विधानसभा क्षेत्र से पांच-पांच दावेदार हैं। कई दावेदार अपना बायोडाटा जिलाध्यक्ष को दे चुके हैं। कुछ दावेदार लगातार नेतृत्व से संपर्क बनाए हुए हैं। इससे वर्तमान विधायकों के खेमे बेचैन हो रहे हैं लेकिन किस विधानसभा क्षेत्र में सीटिंग विधायक के स्थान पर नए उम्मीदवार को भाजपा चुनाव लड़ने का मौका देगी? इसी सवाल पर लोग अपने-अपने स्तर से आकलन कर रहे हैं। कोई कहता है कि उम्र के मानकों पर उम्मीदवारी कसी जाएगी और कोई कहता है कि पांच साल के कार्यकाल को कसौटी पर कसा जाएगा लेकिन किस आधार पर प्रत्याशी बनाए जाएंगे? इस पर दावेदार अपने-अपने स्तर से जानकारी जुटा रहे हैं और अपनी दावेदारी को मजबूती से रखने में जुटे हुए हैं। वहीं विधायकों की ओर से अपनी उम्मीदवारी के पक्ष में नेतृत्व को अवगत कराया जा रहा है। इससे राजनीतिक गहमागहमी बढ़ी हुई है।
1991 में यह थे विधायक
पीलीभीत से बीके गुप्ता, बरखेड़ा से किशनलाल, पूरनपुर से प्रमोद प्रधान और बीसलपुर से रामसरन वर्मा विधायक थे।
2017 से यह हैं विधायक
वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में पीलीभीत से संजय सिंह गंगवार, पूरनपुर से बाबूराम पासवान, बीसलपुर रामसरन वर्मा और बरखेड़ा विधानसभा क्षेत्र किशनलाल राजपूत भाजपा विधायक चुने गए हैं।
पार्टी में कुछ नए दावेदार उभरे हैं लेकिन इसको लेकर नेतृत्व ही फैसला लेगा। अगर हमसे किसी दावेदार के बारे में जानकारी मांगी जाती है तो हम बताएंगे।
- संजीव प्रताप सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष