पूरनपुर। बर्ड फ्लू का पहला केस मिलने के बाद जनवरी में एक किलोमीटर क्षेत्र को कंटेन्मेंट और 10 किमी क्षेत्र को सर्विलांस जोन बनाया गया था। दूसरा केस न मिलने पर अब इसे समाप्त किया जाएगा। पशुपालन विभाग के निदेशक को इस संबंध में पत्र भेजा गया है।
जनवरी में शेरपुरकलां में 62 मुर्गा, मुर्गियों और दो बतखों की मौत हो गई थी। पूर्व जिला पंचायत सदस्य असलम कुरैशी की 22 मुर्गा, मुर्गी और उनके पड़ोसी की 40 मुर्गा, मुर्गियां थी। मरी मुर्गियों को जमीन में दफन कर दिया गया था। जमीन से खोदकर निकाली गई मुर्गा, मुर्गियों को खाने से सात कुत्ते की भी मौत हो गई थी। इसके बाद कराई गई जांच मेें एक मुर्गी में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई थी। फिर अलर्ट जारी करते हुए एक किलोमीटर क्षेत्र को कंटेन्मेंट और 10 किमी क्षेत्र को सर्विलांस जोन घोषित किया गया था। कंटेन्मेंट जोन में 557 मुर्गा, मर्गियों, 40 बतखों को मारकर दफन कराया गया था। इसके बाद क्षेत्र में सैंपलिंग की जाती रही। पशु पालन विभाग के अपर निदेशक डॉ. जीवन दत्त ने टीम के साथ क्षेत्र में भ्रमण कर हालात की जानकारी जुटाई थी। डिप्टी सीवीओ डॉ. राजीव मिश्र ने बताया कि एक महीने से अधिक का समय बीत चुका है। मगर बर्ड फ्लू का दूसरा मामला नहीं मिला है। अब तक 128 मुर्गा, मुर्गियों के सैंपल जांच को भेजे जा चुके हैं। बर्ड फ्लू का दूसरा केस न मिलने पर अब कंटेन्मेंट और सर्विलांस जोन को समाप्त किया जाएगा। इसकी स्वीकृत भारत सरकार से ली जाएगी। पूरी रिपोर्ट तैयार कर पशु पालन विभाग के निदेशक को भेजी गई है।