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भगौतीपुर गांव में ग्रामीणों ने किया मतदान बहिष्कार

Sat, 17 Oct 2015 10:21 PM IST
Bisalpur/belsanda
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पंचायत चुनाव के तीसरे चरण में बिलसंडा ब्लाक के गांव भगौतीपुर में नया मतदान केंद्र न बनाने से क्षुब्ध ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार कर दिया। ग्रामीणों को मनाने पहुंचे अधिकारियों के हाथ मायूसी ही लगी। उनके तमाम कोशिशों के बावजूद ग्रामीण मतदान नहीं किए।
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दूसरे चरण के बाद शनिवार को हुए तीसरे चरण में भी मतदान बहिष्कार की काली छाया पड़ गई। करीब 1500 आबादी वाले भगौतीपुर के ग्रामीणों ने दो माह पूर्व बीडीओ को ज्ञापन सौंपकर गांव में नया मतदान केंद्र बनवाने की मांग की थी। बताया था कि उनका गांव पुराने मतदान केंद्र से ढाई किमी दूर है। उस दौरान बीडीओ ने ग्रामीणों को आश्वासन भी दिया, लेकिन कोई बात बनती न देख तमाम ग्रामीण 14 सितंबर को डीएम से भी मिले।
डीएम की ओर से भी ग्रामीणों को संतुष्टी भरा जवाब नहीं मिला। इस पर ग्रामीणों ने आठ अक्तूबर को मतदान बहिष्कार की घोषणा कर दी। मतदान बहिष्कार की सूचना पर तहसीलदार नन्हेंलाल व बीडीओ डॉ. विवेकानंद गंगवार गांव पहुुंचे और ग्रामीणों से वार्ता की, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। इधर शनिवार सुबह से ही तमाम ग्रामीण मुख्य सड़क पर एकत्र हो गए और मतदान बहिष्कार का बैनर टांग नारेबाजी शुरू कर दी।
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मतदान बहिष्कार की सूचना पर एसडीएम सदर सुरेंद्र बहादुर व सीओ सिटी कौशलेंद्र सिंह पुंडीर गांव पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने ग्रामीणों से वार्ता की लेकिन ग्रामीण टस से मस नहीं हुए। उनका कहना था कि ग्राम पंचायत भगौतीपुर में 929 वोट, जबकि इसके मजरा मुडिय़ा भगवंतपुर में मात्र 703 वोट ही है। ऐसे में अधिक मतदाता होने के कारण मतदान केंद्र भी यही होना चाहिए।
दूसरे इस ग्राम पंचायत से उक्त मतदान केंद्र की दूरी भी करीब ढाई किमी है। इस दौरान ग्रामीणों ने मतदान समाप्ति तक बीच बीच में कई बार नारेबाजी कर प्रदर्शन किया और बहिष्कार जारी रखा। इधर इस संबंध में एसडीएम सदर सुरेंद्र बहादुर ने बताया कि नये मतदान केंद्र को लेकर प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन चुनाव आयोग ने इसकी परमीशन नहीं दी। ग्रामीणों को समझाने का काफी प्रयास किया गया।
...कहीं मूंछ की लड़ाई तो नहीं
मतदान बहिष्कार को लेकर जब मामले की तह में जाने का प्रयास किया गया तो ग्रामीणों ने बताया कि एक जनप्रतिनिधि ने कुछ दिन पूर्व दूसरे गांव में आकर वोट डालने को लेकर चुनौती दी थी। बताते हैं कि यह चुनौती गांव के बड़े बुजुर्गों को नागवार गुजरी और गांव में मतदान केंद्र बनने पर वोट डालने का ऐलान कर डाला। गांव में मतदान केंद्र नहीं बना इसलिए गांव के लोगों ने वोट नहीं डाला।

विकास भी कोसों दूर
ग्रामीणों ने बताया कि गांव का प्रधान न होने के कारण विकास भी नहीं कराया गया। ग्रामीणों के मुताबिक गांव की मुख्य सड़क जर्जर पड़ी हुई। स्कूल में लगे नल भी खराब है। छोटे छोटे कामों के लिए भी ग्रामीणों को चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

मतदान बहिष्कार पर दो प्रत्याशी भी अड़े
गांव भगौतीपुर के माया देवी व श्यामबाबू बीडीसी प्रत्याशी हैं, लेकिन दोनों ही प्रत्याशी शनिवार को गांव में हुए मतदान बहिष्कार में कंधे से कंधा मिलाकर ग्रामीणों का साथ देते देखे गए।

ग्रामीणों के साथ वादा खिलाफी
अधिकारियों द्वारा गांव में मतदान केंद्र बनाने को लेकर आश्वासन दिया गया था लेकिन वादा खिलाफी हुई। गांव की समस्या उनकी समस्या है। जिसमें वह सभी के साथ हैं।
- राजाराम, ग्रामीण

ऐसे चुनाव से क्या फायदा
गांव वालों की राय पर ही बीडीसी प्रत्याशी के तौर पर खड़ी हुई, लेकिन अब जब गांव वाले ही वोट नहीं डालेंगे तो चुनाव का क्या फायदा है।
- माया देवी, बीडीसी प्रत्याशी

अधिकारियों ने किया गुमराह
ग्राम पंचायत से मतदान केंद्र करीब ढाई किलोमीटर दूर है और वह इसका मजरा है। ऐसे में मतदान केंद्र यहीं बनना चाहिए। अधिकारियों ने ग्रामीणों को गुमराह किया है।
- श्यामबाबू, बीडीसी प्रत्याशी

बुजुर्गों के साथ हुई नाइंसाफी
गांव में मतदान केंद्र बनने को लेकर बड़ी आशा थी। लेकिन नया मतदान केंद्र न बनाकर प्रशासन ने हम बुजुर्गों के साथ नाइंसाफी की है। इसकी मांग कई अधिकारियों से की गई थी।
- डालचंद, ग्रामीण।

बिलसंडा के गांव भगौतीपुर के ग्रामीणों ने नया मतदान केंद्र न बनाए जाने के विरोध में मतदान का बहिष्कार किया है। जानकारी करने पर पता चला है कि ग्रामीणों ने बीडीओ को पत्र देकर गांव में मतदान केंद्र बनाने की मांग की थी। बीडीओ ने इसकी रिपोर्ट देर से जिला मुख्यालय भेजी। जब तक रिपोर्ट मुख्यालय पहुंची चुनाव आयोग नया मतदान केंद्र बनाने की स्वीकृति बंद कर चुका था। लिहाजा भगौतीपुर में मतदान केंद्र बनाने की स्वीकृति नहीं मिली। प्रधानी के चुनाव में प्रशासन का प्रयास होगा कि वहां मतदान केंद्र बन सके।
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अजयकांत सैनी, एडीएम
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