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बेहतर हुई प्रदेश में शिक्षा की तस्वीर : राम नाईक

Sun, 18 Sep 2016 11:53 PM IST
ब्यूरो /पीलीभीत
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 राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि जब दो साल पहले उन्होंने पद संभाला था, उस वक्त उत्तर प्रदेश में शिक्षा की स्थिति बेहद कमजोर थी। दो साल में प्रदेश में संचालित 26 यूनिवर्सिटी पर काम कर शिक्षा की तस्वीर काफी हद तक बदली है। तमाम कार्य किए जा चुके हैं और अभी कई बाकी हैं। शिक्षा का बाजारीकरण बंद होना चाहिए।
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आइडियल एजुकेशन वेलफेयर ट्रस्ट पीलीभीत की ओर से बरखेड़ा में संचालित एचआरपी डिग्री कॉलेज के उद्घाटन मौके पर बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा धंधा बनती जा रही है। शहरों में आए दिन नए-नए कॉलेज खुल रहे हैं, लेकिन देहात में खासी कमी है। विद्यालय बनाने के बाद उसमें शिक्षा की उचित व्यवस्था कराना भी अहम है। बरखेड़ा जैसे क्षेत्र में डिग्री कालेज बनना खुशी की बात है। अब यहां के शिक्षक और विद्यार्थियों दोनों की जिम्मेदारी बढ़ी है। शिक्षक बेहतर शिक्षा दें और छात्र विद्यालय को शिक्षा का मंदिर समझें। उन्होंने कहा कि विद्वान वही होता है जो कार्य शुरू कर दे तो उसको मुकाम तक पहुंचाए।
उन्होंने कहा कि दो साल पहले प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था बेतरतीब थी। कहीं परीक्षा का समय निर्धारित नहीं था तो कहीं नकल का कैंसर पैर जमाए था। कॉलेजों में शिक्षण कार्य ठप था तो पास होने के बाद भी रिजल्ट में गड़बड़ी की समस्या थी। इसके समाधान के लिए काफी प्रयास किए गए। दो साल में व्यवस्था बेहतर हुई है, लेकिन पूरी तरह नहीं। अभी काफी काम बाकी है। शिक्षा रोजगारपरक हो, बाजारीकरण से दूर रहे। इस मौके पर रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुशाहिद हुसैन, विधायक रामसरन वर्मा, एचआरपी डिग्री कॉलेज के एसके शर्मा, सतीश गुप्ता, राजेश गुप्ता, प्रमोद जिंदल, विनय गुप्ता, मुकेश गुप्ता भी मौजूद थे।
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इससे पहले राज्यपाल ने फीता काटकर डिग्री कालेज का उद्घाटन किया। राज्यपाल ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने बीसलपुर से भाजपा विधायक रामसरन वर्मा के विधायक निधि से कराए जा रहे कार्यों का लोकार्पण भी किया।
युवाओं को कामयाबी के चार मंत्र दे गए राज्यपाल
पीलीभीत। राज्यपाल राम नाईक दशकों पहले अपने गुरु से मिले कामयाबी के चार मंत्र भी युवाओं को द गए। यह भी चेताया कि पढ़ाई तो करें, लेकिन किताबी कीड़ा बनकर न रह जाएं। व्यायाम करने व स्वास्थ्य पर भी ध्यान दें। शरीर और मन स्वस्थ रहेगा तभी कामयाबी हासिल हो सकेगी।
उन्होंने कहा कि वह महाराष्ट्र के एक छोटे से गांव में जन्मे। वहीं बचपन बीता और प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण की। इसके बाद पुणे के कॉलेज में पहुंचे। वर्ष 1954 में मुंबई से बीकॉम किया। इस दौरान उनके गुरु ने उनको चार मंत्र दिए थे- हमेशा मुस्कराते रहें। दूसरों के किए गए अच्छे कार्यों की सराहना करते रहें, चाहे अच्छा काम करने वाला खुद से ओहदे में छोटा ही क्यों न हो। किसी की अवमानना न करें। हर काम को और बेहतर करने की इच्छा बनाएं रखें। । 
दो किताबों का विमोचन
कार्यक्रम के बीच में राज्यपाल ने बीसलपुर विधायक रामसरन वर्मा की लिखी पुस्तक ‘राजनीतिक गुरु’ और डॉ. संध्या तिवारी की पुस्तक ‘कथाओं का संग्रह’ का विमोचन किया। हालांकि, उन्होंने कहा कि उनको विमोचन की जानकारी पहले से नहीं थी। वह किसी भी किताब को पढ़े बिना उसका विमोचन नहीं करते। अब विमोचन तो कर दिया है, लेकिन किताब की गुणवत्ता पढ़ने के बाद तय करेंगे। लोगों से भी विमोचित किताबों को पढ़ने के लिए कहा।
युवाओं से सही दिशा चुनने की अपील
आए दिन देश में हो रहे आतंकी हमलों पर बोलते हुए राज्यपाल रामनाईक ने कहा कि आज का समय तकनीक का है। आतंकवाद के रास्ते पर जाने वाला युवा अनपढ़ नहीं है। बस भटका हुआ है। कहा कि जनसंख्या की लगातार वृद्धि हो रही है। ऐसे में देश की युवा पीढ़ी भी बढ़ रही है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि शिक्षित होने के बाद देश की उन्नति के रास्ते को चुनें और देश का नाम रोशन करें।
विधायक के कार्यों को सराहा
बीसलपुर विधायक रामसरन वर्मा द्वारा विधायक निधि से कराए गए कार्यों को सराहा। उन्होंने कहा कि शौचालय, पुलिस चौकी निर्माण आदि ऐसे कार्य हैं जो जनता के लिए बेहद जरूरी होते हैं, लेकिन सरकार के एजेंडे से दूर हैं। इन पर काम करना जनहित में है।
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