पूरनपुर। स्मार्ट स्कूल में अंग्रेजी बोलते बच्चे और बैठने के लिए बेहतर कुर्सियां और टेबल यह सुनकर कॉन्वेंट स्कूल का ख्याल जरूर आता है। लेकिन, हम जिस विद्यालय के बारे में आपको बता रहे हैं कॉन्वेंट नहीं सरकारी विद्यालय है। यह महोफ रेंज जंगल से सटे गांव चोखापुरी में स्थित है।
प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक मुनीष कुमार बताते हैं कि वर्ष 2015 में उनकी स्कूल में तैनाती हुई थी। तब स्कूल खंडहर था। चहारदीवारी भी जगह-जगह टूटी हुई थी। बच्चों के बैठने की व्यवस्था तक ठीक नहीं थी। तब बच्चों की संख्या 32 थी। वर्तमान में स्कूल में 75 बच्चे पढ़ रहे हैं। उन्होंने स्कूल की सूरत संभालने का निर्णय लिया।
खुद के वेतन की कुछ धनराशि स्कूल के लिए निकाली। इस पर लोगों ने उनका सहयोग किया। अब पूरा स्कूल स्मार्ट है। कक्षाओं में स्मार्ट बोर्ड, प्रोजेक्टर लगे हैं। स्मार्ट टीवी है। एआई से भी बच्चे सीखते हैं। सभी कक्ष में कैमरे हैं। इसके साथ स्पीकर भी लगाए गए हैं। एक कक्ष में बैठकर ही सभी कक्षाओं में एक साथ कोई थी संदेश दिया जा सकता है। स्कूल में एक शिक्षक और शिक्षा मित्र की तैनाती है।
इन लोगों ने किया सहयोग
प्रधानाध्यापक मुनीष कुमार ने बताया कि सरोजनी नगर के विधायक राजेश्वर सिंह ने एक स्मार्ट बोर्ड व कंप्यूटर दिया। एक प्राइवेट कंपनी की ओर से परिसर में आरओ और वाटर कूलर लगवाया गया। दिल्ली के संजीव कुमार ने स्मार्ट क्लास में सहयोग किया। पूर्व में तैनात रहे जिला गन्ना अधिकारी जितेंद्र मिश्रा ने इन्वर्टर लगवाया। उन्होंने बताया कि सहयोग से स्कूल का विकास कराया गया है। प्रधानाध्यापक ने बताया कि वर्ष 2021-22 में स्कूल का चयन मेरा विद्यालय मेरी पहचान में हुआ था। जिला स्तर पर स्वच्छता का पुरस्कार मिला। उन्होंने बताया कि उनका लक्ष्य स्कूल को प्रदेश स्तर का बनाना है।
गांव चोखापुरी के प्राथमिक स्कूल में वे सभी सुविधाएं हैं। जो कॉन्वेंट स्कूलों में होती हैं। स्कूल का कई बार निरीक्षण किया गया। बच्चों ने सवालों के जवाब बेहिचक दिए। स्कूल को आधुनिक बनाने में प्रधानाध्यापक, शिक्षकों और लोगों का सहयोग सराहनीय है।
-विजय वीरेंद्र सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी