माधोटांडा। जंगल से निकलकर एक भालू चांदूपुर गांव के समीप बाग में जा पहुंचा। बाग की रखवाली कर रहे ग्रामीण उसे देखकर वहां से भाग खड़े हुए। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने भालू की घेराबंदी की। मगर इसी बीच ग्रामीणों ने भालू को लाठी डंडे लेकर दौड़ा लिया। पुलिस ने बमुश्किल भीड़ को काबू में किया। देर शाम के बाद बाग से चला गया, मगर जंगल गया या नहीं, इसका पता नहीं चला। वनकर्मी और पुलिस गांव में नजर रखे हुए हैं।
जंगल से बाहर निकलकर आबादी क्षेत्र में पहुंच रहे हिंसक वन्यजीव ग्रामीणों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। कलीनगर तहसील क्षेत्र के गांव चांदूपुर में रविवार रात जंगल से निकला एक भालू गांव की सीमा में स्थित आम के बाग में जा पहुंचा। बाग की रखवाली करने वाले राम सिंह सोमवार सुबह तड़के जैसे ही चारपाई से उतरकर आगे बढ़े तो उनके सामने भालू अचानक आ गया। राम सिंह उसे देखकर वहां से भाग खड़े हुए और गांव में जाकर बाग में भालू होने की सूचना दी। तमाम ग्रामीण बाग की ओर लाठी डंडे लेकर पहुंच गए। सूचना वन विभाग को भी दी गई। सूचना मिलते ही क्षेत्रीय वन दरोगा अजमेर सिंह टीम के साथ पहुंच। कुछ देर बाद प्रभारी रेंजर अय्यूब हसन भी मौके पर जा पहुंचे। टीम ने भालू की लोकेशन ट्रेस कर घेराबंदी शुरू कर दी। इसी बीच भीड़ ने शोर शराबा करते हुए झाड़ियों में छिपे भालू को लाठी डंडों से दौड़ा लिया। भीड़ देखते ही भालू भी झाड़ियों से निकल भागा। भीड़ भी लाठी डंडे लेकर उसके पीछे दौड़ पड़ी। भीड़ ने एक किमी तक भालू को दौड़ाया। थकने के बाद भालू फिर झाड़ियों में जा छिपा। वनकर्मियों ने इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी। करीब डेढ़ बजे सामाजिक वानिकी डीएफओ संजीव कुमार मौके पर पहुंचे। कुछ देर बाद भालू फिर उसी स्थान पर आ पहुंचा। वनकर्मियों का मानना था कि अंधेरा होते ही भालू के जंगल में चला जाएगा। देर शाम भालू बाग के आसपास तो दिखना बंद हो गया। यह पक्का नहीं है कि वह जंगल में गया या नहीं।
मैं स्वयं टीम के साथ मौके पर पहुंच गया था। ग्रामीणों और भालू की सुरक्षा को लेकर वनकर्मियों की टीम पुलिस के साथ मौके पर ही है। संभवत: अंधेरा होने के बाद वह जंगल में चला गया होगा। मंगलवार को फिर सर्च अभियान चलेगा। - संजीव कुमार, डीएफओ, सामाजिक वानिकी