पीलीभीत टाइगर रिजर्व में बाघ के पीछे दौड़ता भालू। स्रोत वीडियो ग्रेब
कलीनगर (पीलीभीत)। पीटीआर में जंगल सफारी मार्ग पर भालू ने बाघ को दौड़ा दिया। इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस दुर्लभ दृश्य ने वन्यजीव प्रेमियों और विशेषज्ञों का ध्यान खींचा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना जंगल में मौजूद समृद्ध जैव विविधता और पारिस्थितिक संतुलन का संकेत हो सकती है, लेकिन इसे भविष्य के संभावित संघर्ष के संकेत के रूप में भी समझा जाना चाहिए।
पीटीआर (पीलीभीत टाइगर रिर्जव) में वैसे तो बाघ और भालू की मौजूदगी सैलानियों को अक्सर देखने को मिली है। इसमें कई बार बाघ और भालू को एक ही क्षेत्र में या लगभग एक ही समय में देखा गया है। रविवार को सामने आए वीडियो में एक भालू बाघ को दौड़ाता नजर आया। यह नजारा सफारी के दौरान कैद किया गया। टरक्वाइज वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन सोसाइटी के अध्यक्ष अख्तर मियां खान के अनुसार, बाघ एक शीर्ष शिकारी होता है, जबकि भालू मुख्य रूप से सर्वाहारी होता है और फल, कीट, शहद व छोटे जीवों पर निर्भर रहता है। भोजन की आदतों में अंतर होने के कारण दोनों प्रजातियों के बीच सीधी प्रतिस्पर्धा कम होती है, इससे वे एक ही क्षेत्र में रह पाते हैं।
हालांकि, यदि अचानक आमना-सामना हो जाए या भालू के साथ शावक हों तो वह आक्रामक हो सकता है। वहीं बाघ भी अपने क्षेत्र को लेकर सतर्क रहता है। उनका मानना है कि दोनों की एक साथ मौजूदगी जंगल के स्वस्थ पारिस्थितिक तंत्र का संकेत है, लेकिन वन क्षेत्र में कमी या संसाधनों की कमी भविष्य में संघर्ष को बढ़ा सकती है। वैज्ञानिक अध्ययन और सतत निगरानी जरूरी है।