जिले के बेसिक शिक्षकों का जून का वेतन एक जुलाई को उनके खातों में पहुंच जाएगा। बेसिक शिक्षा परिषद के इतिहास में जिले में ऐसा पहली बार हो रहा है। एक जुलाई को वेतन मिलने की जानकारी होने पर शिक्षकों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
जिले के बेसिक शिक्षकों को वेतन पाने के लिए लगभग हर महीने ही डीएम से लेकर बीएसए तक फरियाद करनी पड़ती थी। इस सबके बावजूद शिक्षकों को 15 से 20 दिन की देरी से ही वेतन मिल पाता था। 2011 में तत्कालीन प्रमुख सचिव ने शिक्षकों को प्रत्येक माह की पहली तारीख को वेतन देने का शासनादेश जारी किया था, लेकिन इसका अनुपालन नहीं हो सका। पिछले दिनों कुछ शिक्षक नेताओं ने डीएम से मिलकर लेखा विभाग पर जानबूझ कर वेतन देने में देरी करने की शिकायत की थी। इस पर डीएम मासूम अली सरवर ने सिटी मजिस्ट्रेट जेके शर्मा के साथ लेखा विभाग में छापेमारी की। गड़बड़ियां मिलने पर लेखा कार्यालय को सील कर दिया गया। साथ ही वहां तैनात एक लेखाकार को हटाकर विकास भवन से अटैच कर दिया गया। कोषाधिकारी महामिलिंद लाल ने डीएम के आदेश पर वित्त लेखा कार्यालय में ट्रेजरी से दो लेखाकार तैनात कर दिए। इसके अलावा बीएसए कार्यालय का एक लिपिक भी लगा दिया गया। नए स्टाफ की तैनाती के बाद ऐसा पहली बार हो रहा है कि शिक्षकों का वेतन एक तारीख को उनके खातों में पहुंच रहा है। इस संबंध में कोषाधिकारी महामिलिंद लाल ने बताया कि लेखा विभाग ने सारे बिल ट्रेजरी में लगा दिए हैं। जून का वेतन एक जुलाई को शिक्षकों के खातों में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।