केंद्रीय मंत्री के प्रतिनिधि प्रमोद अग्रवाल द्वारा कथित तौर पर कब्जाई गई रामलुभाई साहनी महिला महाविद्यालय की 822 वर्ग गज जमीन को प्रशासन ने मुक्त करा लिया। जेसीबी की मदद से जमीन पर बनी बाउंड्री को तुड़वाकर पिलर लगवा दिए गए हैं।
टनकपुर रोड पर स्थित राजकीय महिला महाविद्यालय के खेल मैदान की र्साइं मंदिर के निकट स्थित जमीन के कुछ भाग पर कब्जा होने की शिकायत प्रधानाचार्य आरसी वाजपेई ने जिला प्रशासन से की थी। प्रशासन ने इसकी जांच कराई तो यहां करीब 822 वर्ग गज जमीन केंद्रीय मंत्री के प्रतिनिधि प्रमोद अग्रवाल के कब्जे में पाई गई। इस पर सिटी मजिस्ट्रेट जितेंद्र शर्मा ने चिन्हित जमीन को कब्जा मुक्त कराने के निर्देश राजस्व टीम को दिए थे। बुधवार को राजस्व टीम, नगर पालिका परिषद के कर्मचारी एवं महाविद्यालय स्टाफ जेसीबी के साथ मौके पर पहुंचा। लेखपाल ने नापजोख के बाद जमीन पर चूना डालकर चिन्हांकन किया। इसके बाद जेसीबी से महाविद्यालय की जमीन पर बनाई गई बाउंड्री को जेसीबी से गिरा दिया गया। खास बात यह रही कि कब्जा हटाने की इस कार्यवाई के समय कोई भी पुलिस अथवा प्रशासनिक अधिकारी मौजूद नहीं था। कब्जा मुक्त कराई गई जमीन की बांउड्री के मलवे को पालिका ने अपने कब्जे में ले लिया है। बाद में खाली कराई गई जमीन को महाविद्यालय प्रशासन ने पिलर लगवाकर अपने कब्जे में ले लिया।
मैंने कोई अवैध कब्जा नहीं किया है। मुझे यह जमीन कुछ लोगों ने बेची थी। इसकी रजिस्ट्री मेरे पास है। जमीन बाउंड्री सहित खरीदी थी। विक्रेताओं ने बाउंड्री के भीतर की जमीन को अपना बताया था। विक्रेताओं ने ही मेरे साथ धोखाधड़ी की है। मैं उनके खिलाफ कार्रवाई कराने की तैयारी कर रहा हूं। महाविद्यालय की जमीन होने की जानकारी पर मैंने स्वत: सिटी मजिस्ट्रेट से मिलकर जमीन छोड़ने की बात कही थी।
- प्रमोद अग्रवाल, जिला प्रतिनिधि, केंद्रीय मंत्री
कब्जेदार को बचाने में जुटा प्रशासन
अमूमन सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत पर कब्जा खाली कराने के साथ ही जुर्माना अथवा जेल भेजने की कार्रवाई तक शहर में हुई है, लेकिन केंद्रीय मंत्री के प्रतिनिधि का नाम आने के कारण प्रशासन के हाथ पांव भी फूल रहे हैं। हालांकि सिटी मजिस्ट्रेट के निर्देश पर जमीन को कब्जा मुक्त तो करा दिया गया, लेकिन जमीन कब्जाने वाले के खिलाफ कोई रिपोर्ट, जुर्माना अथवा अन्य कार्रवाई नहीं की गई। इसकी काफी चर्चा रही।
महाविद्यालय की जमीन को खाली करा लिया गया है। जमीन पर कब्जा क्यों और किन परिस्थितियों में हुआ, इसकी जांच चल रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जितेंद्र शर्मा, सिटी मजिस्ट्रेट