चार दिन की छुट्टियों के बाद खुली बैंक में कैश न होने से नाराज उपभोक्ताओं ने बैंक प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बैंक में आए दिन कैश की दिक्कत रहती है।
रामनवमी, दशहरा आदि पर्वों के चलते बैंकें पिछले चार दिन से बंद थीं। लगातार छुट्टियों के चलते कैश न होने से अधिकांश एटीएम भी ठप हो गए थे। इधर मंगलवार को क्षेत्र के गांव शिवनगर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा खुलते ही कई ग्राहक बैंक खुलने से ही पूर्व ही बैंक पहुंच गए। बैंक का ताला खुलते ही धनराशि निकालने वालों की कतार लग गई, लेकिन जब बैंक कर्मचारी ने बैंक में कैश न होने की जानकारी ग्राहकों को दी थी, उनका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंचा। ग्राहकों का कहना था कि पिछले चार दिन बैंक बंद चल रहे थे, ऊपर से एटीएम में भी कैश नहीं है। बताते हैं कि समस्या को लेकर कुछ ग्राहकों ने बैंक अफसरों से जानकारी मांगी, लेकिन उन्हें सही जानकारी न देकर टरका दिया। इससे कतार में खड़े ग्राहक आक्रोशित हो उठे और उन्होंने बैंक के गेट पर ही बैंक प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बैंक अफसर पूरी तरह से मनमानी पर उतारू हैं। कैश खत्म होने की समस्या अकसर रहती है। इस मामले में अब उच्चाधिकारियों से शिकायत की जाएगी। प्रदर्शन करने वालों में मनेंद्र पाल सिंह, रामकुमार, मायादेवी, मंगो देवी, मुन्नी देवी समेत कई ग्राहक शामिल रहे। इधर बैंक के शाखा प्रबंधक मोहित कुमार ने बताया कि बैंक चार दिन से बंद चल रहा था। बैंक में कैश नहीं रखा जाता है। कैश मंगवाया गया है। दो बजे के बाद ग्राहक धनराशि निकाल सकते हैं।