पीलीभीत। डीआईओएस कार्यालय में हुए करोड़ों रुपए के बहुचर्चित घोटाले में जेल में निरुद्ध तीन और महिला आरोपियों की जमानत अर्जी प्रभारी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सुनवाई के बाद खारिज कर दी। सेशन कोर्ट ने चार अन्य महिला आरोपियों की जमानत पर सुनवाई के लिए आगामी तिथियां तय कर दी हैं।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में बृहस्पतिवार को अजरा खान पत्नी इल्हाम उर्फ रहमान शम्सी (निवासी अलीगढ़, हाल निवासी खुर्जा), नाहिद पत्नी स्वर्गीय इरशाद एवं आफिया खान पत्नी शान मोहम्मद (निवासी खुर्जा, बुलंदशहर) की जमानत याचिकाओं पर बहस हुई। मामले की गंभीरता और सरकारी धन के गबन के आरोपों को देखते हुए प्रभारी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने तीनों आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
इधर, अवर न्यायालय से जमानत खारिज होने के बाद अन्य महिला आरोपियों ने जनपद एवं सत्र न्यायालय की शरण ली है। अब जिला एवं सत्र न्यायाधीश के समक्ष दाखिल आशकारा परवीन की जमानत अर्जी पर 14 मई को सुनवाई होगी, जबकि इल्हाम की दूसरी पत्नी लुबना, उसकी साली फातिमा और करीबी परवीन की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई के लिए 15 मई की तिथि तय की गई है। बता दें कि घोटाले की जांच के दौरान इन सात महिलाओं के बैंक खातों में कोषागार से भारी भरकम रकम भेजे जाने के साक्ष्य मिले थे। इन्हें एक मई को गिरफ्तार किया था। वर्तमान में सभी सात महिलाएं जिला कारागार में निरुद्ध हैं। संवाद