पीलीभीत। वन और वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए संवेदनशील गांवों के लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए पीटीआर प्रशासन की ओर से बाघ एक्सप्रेस वाहन को रवाना किया गया था। चार दिनों में 20 गांवों में जाकर लोगों को विभिन्न कार्यक्रमों के जरिये जागरूक किया गया है।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व में अब भी मानव-वन्यजीव संघर्ष को लेकर चुनौती बरकरार है। जंगल सीमा से सटे कई गांव ऐसे हैं जहां बाघों की अक्सर चहलकदमी देखी जाती है। पूर्व में कलीनगर तहसील क्षेत्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष की कई घटनाएं भी सामने आईं थी। ऐसे में पीटीआर प्रशासन की ओर से मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया जाने लगा। इसके लिए 13 नवंबर को मुस्तफाबाद स्थित गेस्ट हाउस से बाघ एक्सप्रेस वाहन को रवाना किया गया।
इसके जरिये जंगल सीमा से सटे संवेदनशील 71 गांवों में नुक्कड़ नाटक समेत अन्य कार्यकर्मों के जरिये ग्रामीणों को जागरूक करने पर जोर दिया जाना है। चार दिनों में विभागीय टीम ने 20 संवेदनशील गांवों में कार्यक्रम कर लोगों को विभिन्न कार्यक्रमों के जरिये जागरूक किया है। इस दौरान वन्यजीवों से संबंधित जरूरी जानकारी देने के साथ मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने पर भी प्रकाश डाला गया है। डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि बाघ एक्सप्रेस के जरिये संवेदनशील गांव में लोगों को जागरूक करने के प्रयास लगातार जारी हैं।