पीलीभीत। लंबे समय इंतजार के बाद अब शहर के आयुर्वेदिक कॉलेज को दवा पिसवाने के लिए कच्ची औषधि फार्मेसी नहीं भेजनी पड़ेगी। कॉलेज को शासन की ओर से कच्ची औषधियों का चूर्ण व क्वाथ बनाने के लिए डेढ़ लाख की पल्वराइजर मशीन की सौगात मिली है। इसके संचालन के बाद आयुर्वेदिक कॉलेज खुद ही अपनी कच्ची औषधियों से चूर्ण व क्वाथ तैयार करेगा।
करीब सौ वर्ष पुराने कॉलेज में प्रतिष्ठित पीलीभीत आयुर्वेदिक कॉलेज में अब तक खुद की औषधियां तैयार करने के लिए मशीन नही थी। इसको तैयार करने के लिए अब तक औषधि निर्माणशाला से दवाएं तैयार कराना होता था, जबकि प्रदेश के 400 से अधिक चिकित्सालयों में दवाएं पहुंचाने के जिम्मेदारी के चलते आयुर्वेदिक कॉलेज में कई बार चूर्ण व क्वाथ खत्म हो जाते थे। समय से दवा नही मिल पाती थी। इसको लेकर पूर्व में आयुर्वेदिक कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुदीप बेदार सहाय ने पल्पलाइजर मशीन का प्रस्ताव बनाकर शासन में भेजा था, जिसकी सौगात कॉलेज को इस माह ही मिली है। अब कॉलेज त्रिफला, हिंग्वाष्टक, लवणादि भास्कर, सितोलपलादि, सितोपलादि जैसे चूर्ण व आयुष, घटक, दशमूल, महासुदर्शन, दिव्यामेधा जैसे क्वाथ तैयार कर पाएगी। संवाद