पीलीभीत। वाहनों की फिटनेस व्यवस्था को बेहतर बनाए जाने के लिए शासन की ओर से ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन बनाए जाने के लिए आवेदन मांगे गए हैं। शासन की ओर से जारी हुए आदेश के बाद विभागीय अफसरों की ओर से इसकी कवायद को शुरू कर दिया गया है।
ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन में वाहनों की फिटनेस की जांच आधुनिक तकनीक के माध्यम से की जाएगी। इससे वाहन चालकों को फिटनेस प्रमाणपत्र बनवाने के लिए होने वाली परेशानियों से राहत मिलने की उम्मीद है। स्टेशन स्थापित होने के बाद वाहनों की फिटनेस जांच में मानवीय हस्तक्षेप कम होगा और प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित तरीके से पूरी की जा सकेगी।
परिवहन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, स्टेशन की स्थापना के लिए इच्छुक संस्थाओं और आवेदकों से निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन लिए जाएंगे। आवेदन मिलने के बाद शासन की गाइडलाइन के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। स्टेशन शुरू होने के बाद जिले के व्यावसायिक वाहनों समेत अन्य वाहनों की फिटनेस जांच की व्यवस्था में सुधार होगा। एआरटीओ सुशील मिश्रा ने बताया प्रदेश के 36 जिलों में इसका निर्माण होना है। इसमें पीलीभीत को भी शामिल किया गया है। विभागीय प्रक्रिया के अनुसार लोग इसमें आवेदन कर सकेंगे।
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यह है ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से अधिकृत एक ऐसी हाईटेक और मशीनीकृत सुविधा है, जहां मोटर वाहनों के फिटनेस की वैज्ञानिक और स्वचालित तरीके से जांच की जाती है। इसमें इंसानों की जगह एडवांस मशीनों और सेंसर का उपयोग होता है, इससे मानवीय दखल और गड़बड़ी की गुंजाइश खत्म हो जाती है। इसके साथ ही परीक्षण के दौरान हर एक पैरामीटर का डाटा सीधे केंद्रीकृत डिजिटल सिस्टम से जुड़ जाता है।