पूरनपुर। कजरी निरंजनपुर में गोशाला के लिए जमीन आवंटित हुई है। जमीन पर किसान का गन्ना खड़े होने पर उसे कटवाने के लिए लेखपाल ने 50 हजार रुपये सुविधा शुल्क की मांग की। पांच हजार रुपये लेने के बाद फसल कटवाकर बिक्री कर दी गई। किसान ने सुविधा शुल्क मांगने की ऑडियो सहित डीएम के व्हाट्सएप पर शिकायत की। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेकर एसडीएम को कार्रवाई के निर्देश दिए। एसडीएम ने जांच कराने के बाद लेखपाल को निलंबित कर दिया। विभागीय कार्रवाई के लिए तहसीलदार को जांच सौंपी गई है।
गांव कजरी निरंजनपुर निवासी नरेंद्र सिंह ने बताया कि वर्ष 2002 में उसे हरियाली पट्टा पर जमीन आवंटित की गई थी। जितनी जमीन पट्टा पर दी गई। पूरी जमीन पर कब्जा नहीं मिल सका। करीब एक एकड़ जमीन पर खेती करने लगा। जमीन पर कुछ पेड़ और गन्ना की फसल खड़ी थी। करीब बीस दिन पहले हल्का लेखपाल ने जमीन गोशाला के लिए आवंटित होने की जानकारी देते हुए कहा कि जमीन पर गलत ढंग से फसल की गई है। अब फसल करने वाले को जेल जाना होगा। फसल भी चली जाएगी। नरेंद्र सिंह ने बताया कि जेल जाने और फसल बचने के उपाय की जानकारी पर लेखपाल ने फसल कटवाने के लिए 50 हजार रुपये की सुविधा शुल्क की मांग की। पांच हजार रुपये उसे तुरंत देकर बाकी रुपये फसल कटने के बाद देने का आश्वासन दिया। आरोप है कि 18-19 नवंबर की रात को लेखपाल ने प्रधान से मिलकर फसल को कटवा लिया। जिसके बाद मैंने सुविधा शुल्क से संबंधित ऑडियो उसने डीएम के व्हाट्सएप पर डालकर कार्रवाई की मांग की। किसान ने बताया कि बगैर नोटिस और जानकारी के उसकी फसल काट ली गई। डीएम ने शिकायत को गंभीरता से लेकर एसडीएम को कार्रवाई के आदेश दिए। एसडीएम रामस्वरूप ने बताया कि नायब तहसीलदार से जांच कराई गई। जांच के बाद रविवार को कजरी निरंजनपुर के लेखपाल ओमप्रकाश को निलंबित कर दिया गया। विभागीय कार्रवाई के लिए जांच तहसीलदार अशोक कुमार गुप्ता को सौंपी गई है।
हरियाली पट्टा पर वर्ष 2002 में 30 साल के लिए जमीन दी गई थी। गलत ढंग से उसके पट्टे की जमीन को गोशाला के लिए आवंटित किया गया है। इसके लिए कोर्ट की शरण ली जाएगी।
- नरेंद्र सिंह, किसान
ऑडियो के साथ डीएम से शिकायत की गई थी। जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही मिला। इसलिए लेखपाल का निलंबन किया गया है।
- अशोक कुमार गुप्ता, तहसीलदार