पीलीभीत। स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा को लेकर प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। गांधी सभागार में एडीएम प्रसून द्विवेदी की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा एवं विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति की विशेष बैठक हुई। इसमें मिशन सेफ फ्यूचर-3.0 के तहत स्कूल वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई।
एडीएम ने कहा कि स्कूल बसों और अन्य वाहनों में बच्चों के सुरक्षित आवागमन के लिए परिचालक (अटेंडेंट) की अनिवार्य तैनाती की जाए। छात्राओं के आवागमन वाले वाहनों में महिला परिचर की तैनाती सुनिश्चित की जाए।
बच्चों को निजी या अनधिकृत वाहनों से स्कूल लाने-ले जाने पर रोक लगाने के साथ सभी स्कूल वाहन चालकों का पुलिस से चरित्र सत्यापन कराने के निर्देश दिए।
बैठक में एआरटीओ सुशील कुमार मिश्रा ने बताया कि बरेली-पीलीभीत-सितारगंज, पीलीभीत-टनकपुर, पीलीभीत-पूरनपुर और पीलीभीत-बीसलपुर मार्ग पर कई स्थानों पर गति सीमा के संकेतक पर्याप्त नहीं हैं। डीएम ने संबंधित सड़क निर्माण एजेंसियों को पर्याप्त संख्या में गति सीमा के बोर्ड लगाने के निर्देश दिए। मुख्य मार्गों से जुड़ने वाले लिंक मार्गों के किनारे उगी झाड़ियों और पेड़ों की कटाई-छंटाई कराने के निर्देश दिए गए। संवाद