पीलीभीत के जिला चिकित्सालय में मरीज देखते डॉ:रमाकांत सागर।संवाद
पीलीभीत। बढ़ती ठंड के बीच जरा सी बेपरवाही बुजुर्गों और छोटे बच्चों की सेहत पर भारी पड़ रही है। ओपीडी में मरीज बढ़े हैं, छोटे बच्चे कोल्ड डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। प्रतिदिन 40 से 50 अस्थमा के पीड़ित भी पहुंच रहे हैं। चिकित्सक इन्हें दवा देने के साथ ठंड से बचाव की सलाह भी दे रहे हैं।
तीन दिनों से सूरज न निकलने के साथ ही सर्द हवा भी चल रही है। इस वजह से लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में आने वालों में बुजुर्ग व बच्चों की संख्या अधिक है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. रमाकांत सागर ने बताया कि अस्पताल आने वाले सभी मरीजों को आवश्यक उपचार दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बिस्तर से उठने के बाद बच्चे व बुजुर्ग तुरंत हवा के सीधे संपर्क में न आएं।
इनकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता काफी कम होती है। इस वजह से बुजुर्ग जहां अस्थमा व जोड़ों के दर्द का शिकार हो रहे है, तो वहीं बच्चे निमोनिया का शिकार हो रहे है। जिला अस्पताल के फिजिशियन कक्ष में रोजाना 40-50 मरीज अस्थमा से पीड़ित पहुंच रहे है। सुबह उठने के बाद कुछ देर बिस्तर पर ही बैठकर आराम करें। उसके बाद ही दैनिक क्रियाओं को करें।
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0-5 साल के बच्चों में बड़ी निमोनिया की शिकायत
जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड कक्ष चिकित्सक डॉ. आजाद ने बताया कि ओपीडी में प्रतिदिन 130 से 150 बच्चे पहुंच रहे है। इसमें 0-5 साल के बच्चों में निमोनिया की शिकायत आ रही है। सर्दी को देखते हुए बच्चों का ख्याल रखने की जरूरत है। जिला अस्पताल में निमोनिया की चपेट में आए 15 बच्चे भर्ती हैं।
बरतें सावधानी
1- बच्चों के कमरे को गर्म रखें, साथ ही पूरे कपड़े पहनाएं।
2- बच्चों को गुनगुना करके तरल पदार्थ देते रहें।
3- जरूरी न होने पर बाइक पर बच्चों को लेकर न चलें।
4- बुजुर्ग सुबह-शाम टहलने से बचें।