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सीएए और एनआरसी का विरोध में बिना अनुमति बुलाई आमसभा

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पीलीभीत। शाहीन बाग की तर्ज पर एनआरसी और सीएए के विरोध में मोहल्ला शेर मोहम्मद में दो दिन पहले बिना अनुमति सभा करने पर कड़ी कार्रवाई की गई है। कोतवाल की ओर से कांग्रेस जिलाध्यक्ष हरप्रीत सिंह चब्बा और भाकपा माले की वरिष्ठ नेता कृष्णा अधिकारी समेत 33 नामजद को नामजद करते हुए 100 अन्य अज्ञात महिला-पुरुषों के खिलाफ संगीन धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई। पांच प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
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इस प्रदर्शन के सुनियोजित होने का शक प्रशासन को पहले दिन से है। साजिश रचने वालों का पता लगाने का काम पहले से चल रहा है। इस बीच एक नई बात सामने आई कि कोतवाली के सिपाही दुष्यंत को बंधक बनाकर पीटा भी गया था। यह पता लगने के बाद सख्ती का अफसरों ने ज्यादा ही मूड बना लिया। शनिवार को कोतवाल श्रीकांत द्विवेदी की ओर से मामले में बलवा, निषेधाज्ञा का उल्लंघन, सरकारी कार्य में बाधा डालने, सरकारी कर्मचारी पर हमला करने, क्रिमिनल लॉ एक्ट की धारा सात के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई। इसमें कांग्रेस जिलाध्यक्ष हरप्रीत सिंह चब्बा, भाकपा माले नेता कृष्णा अधिकारी, किसान मजदूर यूनियन के जिलाध्यक्ष यूसुफ मलिक, बहुजन क्रांति मोर्चा के पंकज नागवंशी समेत 33 नामजद और 100 अज्ञात को आरोपी बनाया गया। पुलिस ने आरोपी घाटमपुर कानपुर निवासी पंकज नागवंशी, कुंवरगढ़ मोहल्ला निवासी अतुल वाल्मीकि, मोहतसिम खां मोहल्ला निवासी तस्लीम रजा, शेर मोहम्मद मोहल्ले के बाबर और इम्तियाज को गिरफ्तार भी कर लिया। एसपी अभिषेक दीक्षित, सीओ प्रवीण मलिक ने साजिशकर्ताओं का पता लगाने के लिए पांचों से पूछताछ की। इसके बाद पांचों आरोपियों को जेल भेज दिया गया।
ये किए गए नामजद
कांग्रेस जिलाध्यक्ष हरप्रीत सिंह चब्बा, भाकपा माले की वरिष्ठ नेता कृष्णा अधिकारी, किसान मजदूर पार्टी जिलाध्यक्ष यूसुफ मलिक, अब्दुल मोहिद, पंकज नागवंशी, यूसुफ चौधरी, तस्लीम रजा, फैजान, अतुल वाल्मीकि, मोनिश, बजाहत, मोहम्मद साजमान खां, बाबर, मोहतसिम रजा खां, मोहम्मद रजा खां, सुएब उर्फ मन्नू, मोईन कादरी, जायदउद्दीन, मोहम्मद आफाक, आसिफ खां, जुवैर, नसीम, हासिम, आदिल, शाहिद मलिक, आरफा खानम, रेशमा बी, हुबा परवीन, रुकैय्या, शमीम।
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टेंट के पीछे खाना बनता देखने पर रोका तो पीटने का आरोप
कोतवाली में दर्ज कराई गई एफआईआर में प्रदर्शनकारियों पर सिपाही को बंधक बनाकर पीटने का भी संगीन आरोप है। एफआईआर के मुताबिक सिपाही दुष्यंत ड्यूटी पर था। टेंट के पीछे प्रदर्शनकारी खाना तैयार करा रहे थे। सिपाही ने जब रोकने की कोशिश की तो कुछ प्रदर्शनकारी सिपाही को पकड़कर नजदीक के एक मकान में ले गए। वहां पर बंधक बनाकर रखा। पुलिस सिपाही के गैर हाजिर होने की बात समझती रही। दूसरे दिन शुक्रवार को सिपाही दुष्यंत मौका पाकर ठेका चौकी पहुंचा। उसका मेडिकल परीक्षण कराकर बयान लिए गए। सिपाही के साथ मारपीट भी की गई थी।
साजिश का शक, छानबीन को दी गई गति
सीएए और एनआरसी का विरोध थम चुका था। अचानक भीड़ होने पर साजिश का शक गहराया है। ऐसे में अगर साजिश की गई तो मुख्य किरदार किसने निभाया। इसके पीछे मकसद क्या रहा। इसका पता लगाने के लिए टीमें जुटी हैं। गुपचुप तरीके से सुरागरसी कराई जा रही है। सूत्रों की मानें तो कुछ नाम भी सामने आए हैं, अब उनको लेकर छानबीन कराई जा रही है।
कांग्रेस के पूर्व विधायक पहुंचे, पुलिस पर गुंडई का आरोप लगाया
प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई के बाद पुलिस पर दबिश के नाम पर तोड़फोड़ और अभद्रता करने का आरोप लगाया गया। मामले में आरोपी बनाए गए मोहल्ला भूरे खां निवासी अब्दुल मोहिद के घर में दबिश देने आई पुलिस पर सामान तोड़ने का आरोप है। कांग्रेस की एक टीम शामली जिले से पीलीभीत पहुंची। इसमें पूर्व विधायक एवं कांग्रेस के पश्चिम जोन के उपाध्यक्ष पंकज मलिक, अनुज गंगवार और योगेश तालान शामिल थे। जिलाध्यक्ष हरप्रीत सिंह चब्बा के साथ अब्दुल मोहिद के घर गए। कहा कि कांग्रेस इस मामले में साथ है। विरोध करने वालों पर एफआईआर दर्ज कर प्रताड़ित करने को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेकर छानबीन करा रहे हैं। कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई है। कुछ लोगों से पूछताछ भी की गई। मामले में किसी को बेवजह परेशान नहीं किया जाएगा। - अभिषेक दीक्षित, एसपी
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