पीलीभीत। जिला अस्पताल में डेंगू की रोकथाम और इलाज के लिए बनाए गए विशेष वार्ड पर ताला लटका हुआ है। जबकि, कागजों में इसका संचालन दिखाया जा रहा है।
शासन स्तर से जिला अस्पताल में डेंगू वार्ड बनाने के निर्देश दिए गए थे। आईसीयू वार्ड के करीब बने डेंगू वार्ड में व्यवस्थाओं के नाम पर सिर्फ चार बेड है। जबकि, कक्ष में हमेशा ताला पड़ा हुआ रहता है। न ही वार्ड के किसी बेड पर मच्छरदानी है और न ही अन्य इंतजाम हैं। वार्ड की नियमित साफ-सफाई के लिए भी कोई व्यवस्था नहीं है।
वहीं, डेंगू, फायलेरिया, मलेरिया आदि के मरीजों के लिए स्टाफ नर्स व कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जानी होती है। लेकिन, स्टाफ की कमी के चलते यहां किसी की भी ड्यूटी नहीं लगाई गई है। वार्ड के बाहर बैठकर तीमारदार भोजन करते हुए दिखाई देते हैं।
डेंगू वार्ड के बाहर जलभराव
स्वास्थ्य महकमा जहां डेंगू मलेरिया आदि बीमारी की रोकथाम के लिए संचारी रोग अभियान चलाने का दावा कर रहा है। वहीं, डेंगू वार्ड के बाहर परिसर में बारिश में जलभराव हो जाता है। पानी सूखने के बाद वार्ड के बाहर गंदगी बनी रहती है। लेकिन किसी भी जिम्मेदार को वार्ड के बाहर की यह गंदगी नहीं दिखती।
वार्ड में चार बेड की व्यवस्था है, संदिग्ध मरीज को इस वार्ड में जांच रिपोर्ट में पॉजिटिव आने के बाद ही रखा जाएगा। मच्छरदानी लगाने आदि की व्यवस्था कराई जा रही है। अभी कोई मरीज भर्ती नहीं हुआ है। - डॉ. रमाकांत सागर, अधीक्षक जिला अस्पताल