तीनों तहसीलों में सुनीं गई 275 शिकायतें
जन समस्याओं की सुनवाई और उनके निस्तारण के लिए तीनों तहसीलों में जन सुनवाई हुई। डीएम ने बीसलपुर और एडीएम ने पूरनपुर में समस्याएं सुनीं। तीनों जगह 275 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें मात्र आठ का ही निस्तारण किया जा सका।
सदर तहसील में एसडीएम श्रद्धा सांडिल्यायान की अध्यक्षता में जनसमस्याएं सुनीं गई। यहां कुल 39 शिकायतें प्राप्त हुई जिसमें एसडीएम एवं मौजूद अधिकारी मात्र शिकायतों का ही निस्तारण सके। यहां सीओ सिटी निर्मल विष्ट, नायब तहसीलदार राजीव निगम सहित कई अधिकारी कर्मचारी थे। सदर तहसील में कुल 39 शिकायतें प्राप्त हुई जिसमें मौके पर मात्र दो का निस्तारण ही हो सका।
बीसलपुर। डीएम मासूम अली की अध्यक्षता में हुए तहसील दिवस में 107 शिकायतें प्राप्त हुई। इसमें मौके पर मात्र तीन का निस्तारण हो सका। तहसील दिवस में एसपी अनिल कुमार सिंह, सीडीओ इंद्रदेव द्विवेदी, कृषि उपनिदेशक एके सिंह, डीसी मनरेगा डॉ. शिवाकांत द्विवेदी, एआर कोआपरेटिव पीके भटनागर, डीसीओ राजेश्वर यादव, डीएसओ रमन मिश्रा, एसडीएम बीपी सिंह सहित कई अधिकारी मौजूद थे।
पूरनपुर। एडीएम अजयकांत सैनी की अध्यक्षता में ब्लाक सभागार में हुए तहसील दिवस में 129 फरियादियों ने अपनी समस्याएं रखी। इसमें से तीन का मौके पर निस्तारण कर दिया गया। तहसील दिवस में एएसपी विकास वैद्य, एसडीएम ज्ञानेंद्र कुमार सिंह, सीओ राजेश्वर सिंह, तहसीलदार दिग्विजय सिंह सहित कई अधिकारी, कर्मचारी थे।
तीन बार शिकायत के बाद भी नहीं हुआ समाधान
जनता एवं उसी जुड़ी समस्याओं को सुनकर उनका मौके पर अथवा संबधित अधिकारियों द्वारा समय निस्तारण कराना ही तहसील दिवस का मुख्य उद्देश्य है। लेकिन हकीकत इससे काफी दूर है। पूरनपुर ब्लाक की ग्राम पंचायत दोदपुर खल्लपुर के ग्रामीणों ने पूर्व प्रधान समय में चयनित आवास के लाभार्थियों की सूची को बदलकर अपात्रों के नाम शामिल करने की शिकायत की थी। इस शिकायत को साक्ष्य सहित वह तीन तहसील दिवसों में दर्ज करा चुके हैं। इसमें पूर्व में हुई जांच रिपोर्ट भी लगाई है। इसके बावजूद अधिकारियों ने अब तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है। ग्रामीणों ने बताया अब वह कोर्ट में याचिका दायर करेंगेे।