जिले के करीब छह हजार शस्त्रधारकों के लाइसेंस निरस्त हो सकते हैं। क्योंकि नेशनल डाटाबेस आफ आर्म्स लाइसेंस (एनडीएएल) के लिए जो जानकारी मांगी गई थी, वह उपलब्ध नहीं कराई गई है। इसके लिए प्रशासन ने 30 सितंबर तक का समय दिया है।
शस्त्र लाइसेंस की जानकारी ऑनलाइन करने के उद्देश्य से शासन ने करीब डेढ़ साल पूर्व सभी शस्त्रधारकों की डिटेल, जिसमें नाम, पता, जन्मतिथि के अलावा शस्त्र का प्रकार और उसके नंबर की जानकारी एनडीएएल (नेशनल डाटाबेस ऑफ आर्म्स लाइसेंस) में दर्ज करने के आदेश दिए थे। पहली जनवरी 2014 से चल रहा यह कार्य पहले 31 दिसंबर 2014 तक पूरा होना था। बाद में इसकी तिथि बढ़ाकर 30 सितंबर 2015 कर दी गई। इसके लिए थानों, शस्त्र विक्रेताओं के अलावा सीधे शस्त्र धारकों से भी उनकी सूचनाएं मांगी गई थीं। अब तक मात्र आठ हजार शस्त्र लाइसेंस ही ऑनलाइन हो सके हैं। अभी 6000 शस्त्रधारकों ने मांगी गई जानकारी नहीं दी है। इसके चलते उन्हें यूनिक आईडी नंबर प्राप्त नहीं हुआ है। 30 सितंबर तक जिन्होंने जानकारी दी, उनके लाइसेंस निरस्त करने के लिए कार्रवाई संभावित है।
फैक्ट फाइल
कुल शस्त्र लाइसेंस 17,400
गैरजनपद/मृतक 3,000
दर्ज सूचनाएं 8,200
शेष शस्त्रलाइसेंस 6,200
कैसे जमा करें सूचनाएं
लाइसेंस धारक शस्त्र कार्यालय अथवा शस्त्र विक्रेता से फार्म प्राप्त कर सूचनाएं (डाटा) दे सकते हैं। इसमें एक फोटो के साथ नाम, पता, जन्मतिथि, व्यवसाय, शस्त्र का प्रकार, नंबर व नवीनीकरण की तिथि और शस्त्र लाइसेंस की छाया प्रति संलग्न कर शस्त्र कार्यालय में जमा कर सकते हैं।
कैसे मिलेगा यूआईडी नंबर
शस्त्र लाइसेंस की डिटेल साफ्टवेयर में फीड होने पर कंप्यूटर स्वत: एक आईडी नंबर जारी करता है, जिसे शस्त्र लाइसेंस पर अंकित कर दिया जाता है। इस नंबर के बिना शस्त्र नवीनीकरण नहीं होगा।
शस्त्र लाइसेंस की सूचनाएं कंप्यूटर में फीड की जा रही हैं जो ऑनलाइन रहेंगी। 30 सितंबर तक सूचनाएं दर्ज न होने पर शस्त्र नवीनीकरण नहीं किया जाएगा और उनके शस्त्र स्वत: निरस्त हो जाएंगे।
- ओएन सिंह, डीएम
हजारा।शस्त्रों के सत्यापन के तहत पुलिस अब तक 64 शस्त्रों की जांच कर कर चुकी है।
एसओ भुवनेश कुमार गौतम ने बताया कि थाना क्षेत्र के 154 असलहों में से अभी 64 लाइसेंसों का सत्यापन हुआ है। जिन शस्त्रधारकों ने लाइसेंस का डाटा ऑनलाइन नहीं कराया है उन्हें जिला मुख्यालय जाकर डाटा ऑनलाइन कराने को कहा गया है। ऑन लाइन न होने पर लाइसेंस को निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।