पीलीभीत। शारदा नदी के धनाराघाट पर सेतु का निर्माण अब तक शुरू नहीं हो सका है, जबकि धनराशि की स्वीकृति और पहली किस्त भी जारी हो चुकी है। सर्वे भी कराया जा चुका है। विभाग और कार्यदायी संस्था निर्माण में वन विभाग की एनओसी का रोड़ा बता रही हैं।
शारदा नदी के धनारा घाट पर सेतु निर्माण के लिए केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने 15 अगस्त 2023 को सेतु निगम और लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं की टीम के साथ मौके पर पहुंचकर भौतिक सत्यापन कराया था। सेतु निर्माण को दो अरब 69.13 करोड़ रुपये से पूरनपुर-धौरी-कंचनपुर मार्ग पर धनाराघाट पर शारदा नदी सेतु मार्ग, अतिरिक्त पहुंच मार्ग एवं सुरक्षात्मक कार्य निर्माण की स्वीकृत मिली।
पहली किस्त में 94.19 करोड़ से अधिक राशि भी जारी हो गए। बाद में सेतु निर्माण के लिए सर्वे और अन्य प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई। मगर काम अब तक शुरू नहीं हो सका। ऐसे में शारदा नदी पर पुल न होने से लोगों को 30 किलोमीटर के लिए 130 किमी की दूरी तय करनी पड़ रही है।
आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सेतु निगम के विजेंद्र मौर्य ने बताया कि वन विभाग की एनओसी का इंतजार किया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड के एक्सईएन राजेश चौधरी ने बताया कि वन विभाग की एनओसी की प्रक्रिया चल रही है। एनओसी जल्द मिलने की उम्मीद है। इसके बाद कार्य शुरू होगा।
पुल बनने से ढाई लाख लोगों को मिलेगा लाभ
पूरनपुर-धौरी कंचनपुर मार्ग पर शारदा नदी पर सेतु बनने से तहसील क्षेत्र के शारदा गांवों में आवागमन सुगम होगा। साथ ही लखीमपुर खीरी के संपूर्णानगर, पलिया आने-जाने वालों को कम दूरी तय करनी पड़ेगी। इसके अलावा नेपाल राष्ट्र के लिए आवागमन आसान हो जाएगा। पुल निर्माण से 80 से 85 गांवों के ग्रामीणों समेत करीब ढाई लाख की आबादी को लाभ मिलेगा। आवागमन में आधे से कम दूरी तय करनी होगी।