पीलीभीत। लॉकलाउन में क्षय रोगियों को घरों में दवा पहुंचाकर उनकी जान बचाने के लिए डब्ल्यूएचओ ने पीलीभीत को रोल मॉडल माना है। इसके लिए क्षय रोग विभाग के वरिष्ठ ट्रीटमेंट सुपरवाइजर राजेश गंगवार की तारीफ की है। डब्ल्यूएचओ की ओर से दवा मिलने के बाद ठीक हुए मरीज से भी जानकारी ली गई। जिला क्षय रोग अधिकारी ने राजेश की सफलता पर खुशी जाहिर की है।
लॉकडाउन के दौरान क्षय रोगियों के सामने नियमित दवा का सेवन करने की चिंता बढ़ गई थी। शासन से घर-घर दवा देने के आदेश दिए गए। अनलॉक में जब डब्ल्यूएचओ ने इस काम की मानीटरिंग की तो परिणाम चौंकाने वाला आया। डब्ल्यूएचओ ने जो रिपोर्ट तैयार की है, उसमें पीलीभीत को रोल मॉडल माना गया। इसमें वरिष्ठ ट्रीटमेंट सुपरवाइजर के काम की सराहना की गई। राजेश गंगवार ने कोविड में ड्यूटी करते हुए लगभग ढाई सौ मरीजों की दवाओं की चेन को टूटने नहीं दिया। मरीजों से फोन पर संपर्क करके उनके घर पर दवा उपलब्ध कराई गई। जिला क्षय रोग अधिकारी डा. राजेश भट्ट और सहकर्मियों ने फूल माला पहनाकर उनका स्वागत किया। उन्हें एक हजार रुपये का पुरस्कार भी दिया गया।