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UP News: पीलीभीत में 50 हजार रुपये रिश्वत लेते अधिकारी गिरफ्तार, एंटी करप्शन टीम ने रंगेहाथ पकड़ा

Fri, 21 Feb 2025 08:14 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत

सार

पीलीभीत के डीपीआरओ कार्यालय में एंटी करप्शन की टीम ने शुक्रवार दोपहर छापा मारा, जिससे खलबली मच गई। टीम ने एक अधिकारी को रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा है। 
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आरोपी अधिकारी (दायें) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पीलीभीत में एंटी करप्शन टीम ने डीपीआरओ कार्यालय के प्रधान सहायक को 50 हजार की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा। पूछताछ के बाद टीम प्रशासनिक अधिकारी को अपने साथ ले गई। उसके घर और नकटादाना चौराहे के समीप स्थित जिम पर भी छापा मारा गया।

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पूरनपुर कस्बे के मोहल्ला कायस्थान निवासी राजीव सक्सेना ने एंटी करप्शन टीम से शिकायत की थी। इसमें बताया था कि पत्नी की चिकित्सा प्रतिपूर्ति का पत्रावली का भुगतान कराने के एवज में विकास भवन में डीपीआरओ कार्यालय के प्रधान सहायक (प्रशासनिक अधिकारी) संजय तोमर ने 50 हजार की रिश्वत मांगी है। टीम ने मामले को गंभीरता से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। 

इसके बाद शुक्रवार को एंटी करप्शन की पांच सदस्यीय टीम करीब पौने तीन बजे विकास भवन कार्यालय पहुंची। जहां प्रशासनिक अधिकारी को उनके कक्ष से 50 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। टीम उसे लेकर न्यूरिया थाने पहुंची। जहां पूछताछ के बाद आरोपी प्रशासनिक अधिकारी के खिलाफ न्यूरिया थाने पर मुकदमा दर्ज कराया।
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घर व जिम पर लटका था ताला
एंटी करप्शन की टीम ने न्यूरिया थाने में ले जाकर प्रशासनिक अधिकारी से पूछताछ की। इसके बाद टीम उसे लेकर उसके घर पहुंची। जहां ताला लगा मिला। इसके बाद टीम नकटादाना स्थित उसकी जिम पर पहुंची। जिम पर भी ताला लटका मिला। इसके बाद टीम वहां से लौट गई।

टीम के आने के बाद पसर गया सन्नाटा
टीम के प्रशासनिक अधिकारी को गिरफ्तार करते ही विकास भवन में सन्नाटा फैल गया। चर्चित अधिकारी होने के चलते अन्य कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारी भी नीचे के तल पर पहुंचकर जानकारी करने में जुट गए। वहीं प्रशासनिक अधिकारी कक्ष गैलरी में सन्नाटा सा पसर गया।
 
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संपत्ति को लेकर भी चर्चाओं में आरोपी अधिकारी
टीम ने जिस अधिकारी को पकड़ा है। बताया जा रहा है कि वह इससे पूर्व में एक बाबू के पटल पर कार्यरत था। प्रशासनिक पद पर पहुंचते ही उसके रौब और चाल-ढाल बदल गए। प्रशासनिक अधिकारी उसके पटल पर होने वाले सभी कार्यों के एवज में मोटा रुपये लेता था। रुपये न देने पर वह कर्मचारी काम भी नहीं करता था।

अधिकारियों से भी रहती है अच्छी तालमेल
प्रशासनिक अधिकारी के टीम के द्वारा पकड़े जाते ही तमाम तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। विकास भवन के बाहर मौजूद कर्मचारी आपस में बातें करते दिखे। कुछ लोगों का कहना था कि वह अधिकारियों को भी मोटी रकम व उनके खान-पान से लेकर अन्य चीजों का विशेष ध्यान रखता था। जिससे अधिकारियों से अच्छी पटती थी।
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