पीलीभीत। न्यूरिया पुलिस से न्याय न मिलने पर ग्रामीण पूरे परिवार के साथ एसपी कार्यालय पर धरने पर बैठ गया। बाद में एसपी के आश्वासन पर उसने धरना खत्म किया।
थाना न्यूरिया क्षेत्र के गांव जनकपुरी औरिया निवासी भगवानदास ने आरोप लगाया कि गांव के एक व्यक्ति से एक वर्ष पहले उसने 60 हजार रुपये लिए थे। जिसे उसने चार किश्तों में निपटा दिया। बावजूद इसके उक्त व्यक्ति ने उस पर 1.20 लाख रुपये बकाया बताए।
आरोप है 16 मई को उक्त व्यक्ति ने उसके घर पहुंचकर गाली-गलौज किया। इतना ही नहीं घर से सटी दीवार को ढहा दिया और मारपीट की। शिकायत थाने पर की गई, पर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। इसके बाद एसपी को डाक से शिकायत की, मगर समस्या का निस्तारण नहीं हो सका।
भगवानदास के अनुसार 20 मई को उक्त व्यक्ति के परिजन उसके घर पहुंचे और मारपीट करते हुए उसके घर का सारा सामान निकालकर फेंक दिया। घर पर ताला लगाकर सभी को भगा दिया। उसने मामले की शिकायत डायल 112 पुलिस से की। इस पर पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय पीड़ित पक्ष को ही थाने पर बैठा लिया।
पुलिस से न्याय न मिलने पर बुधवार को भगवानदास एसपी कार्यालय पर बच्चों के साथ पहुंचा और धरने पर बैठ गया। यह देख वहां मौजूद पुलिस कर्मियों ने उसे एसपी से मिलवाया। बाद में एसपी के आश्वासन पर सभी चले गए।
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न्यूरिया पुलिस पर सांठगांठ का आरोप
पीड़ित ने बताया कि आरोपी की थाने में अच्छी पकड़ है। वह पुलिस की आर्थिक रूप से मदद करता है। इसके चलते पुलिस उसकी शिकायत पर ध्यान नहीं देती। जब भी वह शिकायत करने जाता है उल्टा उसे ही प्रताड़ित किया जाता है।
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शिकायत लेकर एक परिवार आया था। मामले की जांच सीओ से कराई जा रही है। जांच के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
- अविनाश पांडेय, एसपी