पीलीभीत। राज्य कर्मचारी का दर्जा देने और मानदेय वृद्धि जैसी कई मांगों को लेकर आंगनबाड़ी वर्करों का धरना-प्रदर्शन रविवार को भी जारी रहा। एक माह से अधिक से चल रहे धरने को पहली अक्तूबर से भूख हड़ताल में बदलने की चेतावनी दी गई है। दूसरे गुट ने भी नेहरू पार्क पहुंचकर धरना प्रदर्शन दिया।
राज्य कर्मचारी घोषित करने एवं मानदेय बढ़ोत्तरी की मांग को लेकर आंगनबाड़ी वर्करों के एक गुट का धरना एक माह से अधिक समय से चल रहा है। रविवार को आंगनबाड़ी कार्यकत्री सहायिका संघ के तत्वावधान में हुए धरना प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष वीरबाला ने कहा कि लगातार चल रहे धरने के बाद भी केंद्र और राज्य सरकारों ने कोई ध्यान नही दिया है। यदि 30 सितंबर तक हमारी मांगे पूरी नहीं हुई तो पहली अक्तूबर से भूख हड़ताल शुरू की जाएगी। उनके साथ निर्मल कौर, हृदय शर्मा, विभा जायसवाल, उपासना गौतम, कृष्णा, मुन्नी, आरती, अनूप गंगवार, निर्मला शर्मा सहित कई महिलाएं थीं। उधर आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिका एसोसिएशन की ओर से जिलाध्यक्ष गुलशन जहां के नेतृत्व दूसरे गुट ने भी नेहरू पार्क पहुंचकर काली पट्टी बांधकर धरना प्रदर्शन किया। धरने की अध्यक्षता कर रहीं सुनीता शुक्ला ने कहा कि एक ओर सरकार बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ का नारा दे रही है वहीं दूसरी ओर पढ़ी लिखी बेटियां भुखमरी के कगार पर पहुंच गई हैं। जिलाध्यक्ष ने कहा कि आंगनबाड़ी की अनदेखी सरकार को चुनाव में भुगतनी पड़ेगी। उनके साथ अंजुबाला, गीता चौधरी, ममता गंगवार, नसरीन, शादाब, कैसर जहां, राहत, कविता, कहकशां, आसमा जवी, सोकिया, पूनम आदि मौजूद रहीं।